फिरोज आलम/जैनामोड़ (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में चास प्रखंड के आदिवासी टोला बरुवाटांड़ में 24 मार्च को आदिवासी सेंगेल अभियान के तत्वावधान में रांची के विधायक सीपी सिंह का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन कनारी पंचायत सेंगेल परगना राखो किस्कू के नेतृत्व में किया गया।
इस अवसर पर बोकारो जिला सेंगेल टावर जयराम सोरेन ने कहा कि विधायक सीपी सिंह ने झारखंड सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में संताली भाषा के ओल चिकि लिपि में आम वजट को प्रकाशित किया है। जिसमें भाजपा विधायक सीपी सिंह ने उस ओल चिकि लिपि का विरोध किया है। यह संताली भाषा का विरोध है। यह संथालियों का अपमान है।
ज्ञातव्य हो कि, सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के अथक प्रयास से 22 दिसंबर 2003 को संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संताली भाषा है। कहा गया कि भाजपा विधायक चंद्रश्वेर प्रसाद सिंह झारखंडी भाषा संस्कृति को घृणा करती है, तो उसे झारखंड को छोड़ देना चाहिए। झारखंड झारखंडियों के लिये बना है।
जिस तरह उड़िया के लिए ओडिशा, बंगलियों के लिए बंगाल, पंजबियों के लिए पंजाब, तमिलों के लिए तामिलनाडु, मराठी के लिए महाराष्ट्र आदि।
मौके पर बोकारो जिला संयोजक भीम मुर्मू ने कहा कि सेंगेल झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी अवगत कराना चाहती है कि राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संताली भाषा को झारखंड में प्रथम राजभाषा अविलम्ब बनाएं और पठन-पाठन में लाए। संताली भाषा शिक्षकों तथा अन्य झारखंडी आदिवासी भाषा (हो, मुंडा, कुड़ुख, खड़िया आदि) शिक्षकों की भी नियुक्ति की जाए।
कहा गया कि सभी नौकरियों का 90 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों को प्रखंडवार कोटा बनाकर अनुपत के आधार पर प्रखंड के आदिवासी -मूलवासी आवेदकों से भरा जाए। अन्यथा वोट बैंक की लॉलीपॉप दिखाकर जनता को बेवकूफ बनाना छोड़ दें! सत्ता छोड़ दे।
पुतला दहन में सेंगेल माझी उपेन्द्र हेम्बरम, कृष्णा किस्कू, महेश सोरेन, संजूल मुर्मू, पीताम्बर सोरेन, नागेश्वर मुर्मू, मन्सू सोरेन, विशाल किस्कू, अमर सोरेन, मोहन सोरेन, विनोद हेम्बरम, अमर सोरेन, सावित्री मुर्मू, काजल हेम्बरम, सुनिता हेम्बरम, अनिता हांसदा, गंगा मुनि किस्कू, एतवारी हेम्बरम, पुष्पा किस्कू, सोनिया किस्कू, शिवानी किस्कू आदि महिला पुरुष शामिल थे।
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