एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। चिकित्सक आधुनिक युग में ईश्वर का दूसरा रूप होता है। इसे सच करने में लगे हैं सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के विभिन्न अस्पतालों में सेवारत डॉक्टर। सीसीएल के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के बाद भी चिकित्सको द्वारा मरीजों के इलाज में किसी प्रकार से कमी नहीं होने दी जा रही है। ऐसे अस्पतालों में झारखंड की राजधानी रांची के गांधीनगर स्थित सीसीएल केंद्रीय अस्पताल, रामगढ़ जिला के हद में नई सराय स्थित केंद्रीय अस्पताल, एनके क्षेत्र के डकरा स्थित केंद्रीय अस्पताल, बोकारो जिला के हद में ढोरी स्थित केंद्रीय अस्पताल, करगली स्थित बीएंडके रीजनल अस्पताल, कथारा स्थित क्षेत्रीय अस्पताल हैं, जहां मरीज बेफिक्र होकर अपना इलाज कराते हैं। इनमे कई अस्पतालों में चिकित्सकों तथा संसाधनों की कमी के बावजूद इलाज में कोताही नहीं बरती जाती है।
ताजा जानकारी के अनुसार सीसीएल के डकरा स्थित केंद्रीय अस्पताल एवं गांधीनगर केंद्रीय अस्पताल के चिकित्सकों की समय पर की गई चिकित्सकीय कार्रवाई और समन्वित उपचार से एक 22 वर्षीय युवक लोकेश कुमार का जीवन सुरक्षित बचाया गया।
सीसीएल मुख्यालय जनसंपर्क विभाग के अनुसार एक कर्मचारी भुनेश्वर मुंडा के 22 वर्षीय पुत्र को जहरीले सर्प ने काट लिया था। घटना के तुरंत बाद उसे केंद्रीय अस्पताल डकरा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए आवश्यक उपचार प्रारंभ करते हुए उसे एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) 10 की डोज दी गई। प्राथमिक उपचार के उपरांत बेहतर निगरानी एवं विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए उसे केंद्रीय अस्पताल गांधीनगर रेफर किया गया।
बताया जाता है कि गांधीनगर केंद्रीय अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में युवक का लगातार दो दिनों तक उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। समय पर मिले उपचार और चिकित्सकीय टीम के समर्पित प्रयासों से उसकी स्थिति में लगातार सुधार हुआ और अब वह पूर्णतः स्थिर है।
चिकित्सकों ने उसे अस्पताल से छुट्टी देने का निर्णय लिया है।ज्ञात हो कि, सीसीएल अपने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों और आपातकालीन सेवाओं के माध्यम से कर्मचारियों, उनके परिजनों, हितधारकों एवं ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं।
![]()













Leave a Reply