रामचरित मानस यज्ञ के तीसरे दिन श्रीराम विवाह का आयोजन

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के जारंगडीह दुर्गा मंदिर प्रांगण में बीते 12 से 20 मार्च तक आयोजित 60वें रामचरित मानस यज्ञ के तृतीय दिवस पंचांग पूजन विधि पूजन का पाठ वेद मंत्र उच्चारण द्वारा किया गया। इस अवसर पर 14 मार्च की सुबह श्रीराम विवाह का आयोजन किया गया।

राम चरित मानस नवाहन परायण यज्ञ में अयोध्या से पधारे मधुरेश महाराज द्वारा अयोध्या परंपरा के अनुसार रामचरित मानस का पाठ संपन्न कराया गया। यहां आयोजित राम सीता विवाह में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गण उपस्थित होकर यज्ञ स्थल के चारो ओर परिक्रमा कर विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर बनारस से पधारी साध्वी शैल निशा ने तृतीय दिवस अपने कथा में श्रद्धालुओं को संबोधन में कहा कि राजा हिमाचल के यहां जब उनकी पुत्री पार्वती का जन्म हुआ तब खुशियां खुशियाँ मनाई गयी। उन्होंने कहा कि ठीक इसके उलट आज हमारे यहां जब बालिका या बेटी का जन्म होता है तो खुशी कम मातम ज्यादा देखने को मिलता है।

उन्होंने कहा कि आम जनों की सोच है कि बेटा बाप का नाम रोशन करता है और बेटी कुछ भी नहीं। जबकि शास्त्र से यह प्रमाणित होता है कि बेटियां ही बाप का नाम चलाती है और बेटे बाप का नाक कटवाते हैं। जैसे हिमाचल का नाम पार्वती के यश और कीर्ति द्वारा ली जाती है। वही राजा जनक का नाम सीता की त्याग और तपस्या द्वारा जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि यद्यपि कहा जाता है कि मां-बाप की मृत्यु के बाद पुत्र हीं पिंड देकर उन्हें मुक्ति प्रदान करते हैं, किंतु बेटियों की जब विवाह होती है तभी पिता के द्वारा कन्यादान के बाद पिता को पितृ ऋण से मुक्ति प्राप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि एक फूल एक को ही सुगंधित करता है जबकि बेटियां दुगना सुगंध फैलाती है।

अयोध्या से पधारे पुरेंद्र महाराज ने कहा कि जनकल्याण के लिए परमात्मा ने अवतार लेकर जन-जन तक आदर्श जीवन जीने का ज्ञान दिया। जिसमें बाल लीला भगवान ने किया और भगवान ने आदर्श स्थापित कर मिथिला में जाकर मां सीता से धनुष यज्ञ के माध्यम से विवाह रचाया। भगवान का प्रत्येक लीला आदर्श है। जिसे मानव को अनुसरण करना चाहिए।

यज्ञ को सफल बनाने में यज्ञ कमेटी के सचिव बसंत कुमार ओझा, कोषाध्यक्ष राजकुमार मंडल, योगेंद्र सोनार, अमरनाथ साह, कपिल देव पांडेय, लखन बेलदार, अनिल कुमार, शशि गुप्ता, प्रकाश गुप्ता, धीरज कुमार, श्रमिक नेता सचिन कुमार, बाल गोविंद मंडल आदि का सराहनीय सहयोग देखा जा रहा है।

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