विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। गोमियां प्रखंड (Gomian Block) के हद में डुमरी बिरहोर टंडा के आदिम जनजाति के लोग आधुनिक युग में भी नाले का पानी पीने को विवश हैं। उक्त जानकारी समाजसेवी प्रवीण कुमार ने दी।
समाजसेवी प्रवीण कुमार (Pravin Kumar) जानकारी देते हुए बताया कि 6 नवंबर को डुमरी बिरहोर टंडा के आदिम जनजाति के लोगों से मुलाकात के दौरान उन्होंने पाया कि आज भी वहां शुद्ध पेयजल की किल्लत है। लोग आज भी शुद्ध पानी के लिए तरसते हैं।
विवश होकर आदिम जनजाति के लोग नाले का पानी पी रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कहा कि बिरहोरो के आवासों की स्थिति जर्जर हो गई है। उनके आवास अब रहने लायक नहीं रह गया है।
आगे प्रवीण ने कहा कि एक ओर जहां सरकार विकास की बड़ी-बड़ी दावे करती है, वही दूसरी ओर यह सारे दावे खोखले नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि आदिम जनजातियों की जीवन शैली देखकर उनका मन व्याकुल हो उठा।
उनके समस्या के समाधान के लिए उन्होंने लगातार प्रयास करने की बात कही। मौके पर दरबारी मांझी, नसीम अंसारी सहित दर्जनों बिरहोर महिला एवं बच्चे मौजूद थे।
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