एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। अयोध्या प्रसाद खत्री साहित्यिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में 14 जून को मुजफ्फरपुर के गोला स्थित श्रीगांधी पुस्तकालय सभागार में मासिक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। उक्त जानकारी मुजफ्फरपुर की युवा कवियित्री सविता राज ने दी।
उन्होंने बताया कि मासिक कवि गोष्ठी की अध्यक्षता भोजपुरी के वरिष्ठ कवि सतेन्द्र कुमार सत्येन तथा संचालन युवा कवि उमेश राज ने किया। कवि गोष्ठी का शुभारंभ कवि अरुण कुमार तुलसी की रचना अतीत के मर्म स्थल से वर्तमान के पटल पर से किया गया।
कवि गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे सतेंद्र कुमार सत्येन की भोजपुरी रचना हम त जाइब हो बलमुआ बाबा धाम, कवि ओम प्रकाश गुप्ता की रचना बीता हुआ वक्त जब ठहर जाता है, दिल में गहरा जख्म उभर जाता है, हास्य कवि डॉक्टर जगदीश शर्मा की दवा दारू वाले हास्य रचना ताप से तन बदन तप रहा है, कवि गोष्ठी का संचालन कर रहे उमेश राज की रचना सांसों में मेरी तुम आती जाती रहो, कवि राम वृक्ष राम चकपुरी की रचना पूछेगा जरूर देश का बंदा दौड़ा दौड़ाकर, वरिष्ठ कवि अंजनी कुमार पाठक की रचना जिंदगी का ना कोई ठिकाना, आज यहां कल कहां है जाना, कवि मुकेश पासवान की रचना इस आस से जीते हैं हम, कि आएगी कभी हमारी भी बारी और कवि अशोक भारती की रचना चौदहवीं के चांद ढलना भी क्या ढलना, रात मिलन की हो तो कुछ बात बने ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और भरपूर तालियां बटोरी।
मासिक कवि गोष्ठी में नागरिक मोर्चा के महासचिव मोहन सिन्हा, अजय कुमार, परशुराम ब्याहुत, पप्पू सहित काफी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में श्रीगांधी पुस्तकालय ट्रस्ट के ट्रस्टी सह संयुक्त सचिव मुकेश पासवान ने उपस्थित कवियों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। तदोपरांत अध्यक्ष के आदेश से आगामी आयोजन तक कार्यक्रम समापन की घोषणा की गयी।
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