माले महासचिव कॉ दीपांकर भट्टाचार्य के संबोधन से माले का कार्यशाला शुरू
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। प्रखर कम्युनिस्ट कॉमरेड रामदेव वर्मा को दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि देने के साथ ही भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव कॉ दीपांकर भट्टाचार्य के संबोधन से समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में विभूतिपुर के श्रीकृष्ण विनोद पुस्तकालय पतेलिया में 29 जून को माले का जिला स्तरीय रात दिन का कार्यशाला शुरू हुआ।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए माले महासचिव कॉ भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए धार्मिक उन्माद नही, धार्मिक सहिष्णुता भारत की पहचान और विरासत रही है। इसे बचाना ही देश को बचाना है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अम्बानी-अडाणी को लूट की पूरी छूट दे रखी है।
लूट का राष्ट्रवाद ही भाजपा का राष्ट्रवाद है। भारतीय राष्ट्रवाद का विकास स्वाधीनता आंदोलन के गर्भ से हुआ है, जिसे मोदी सरकार तहस-नहस कर रही है। धार्मिक उन्माद और नफरत की राजनीति को हवा भाजपा हिटलरी फासीवाद को भारत में थोपना चाहती है, जहां संविधान और नागरिक आज़ादी के लिये कोई जगह नही है।
कॉ भट्टचार्य ने कहा कि विरोधी आवाज़ को दबाने के काम को सरकार ने कानूनी जामा पहना दिया है। एक बृहद आंदोलन के जरिये ही फासीवाद का मुकाबला हो सकता है। भाकपा माले इस आंदोलन को जमीनी स्तर पर खड़ा करने में लगी है। उन्होंने कहा कि बिहार में भाकपा माले ने कम्युनिष्ट आंदोलन को मज़बूती देते हुए महागठबंन्धन को मजबूत करने का निर्णय लिया है।
इसे आगे बढ़ाना हम सबों का बड़ा कार्यभार है। यही दिवंगत कॉ रामदेव वर्मा की विरासत को आगे बढ़ाना होगा। यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मोदी सरकार के हाथों अब कुछ भी सुरक्षित नही है। अग्निपथ योजना के जरिये सेना का ठेकाकरण किया जा रहा है, जिसने देश की सुरक्षा के सामने बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। भाकपा माले सदन से लेकर सड़क तक इसका डटकर मुकाबला कर रही है।
मौके पर माले पोलित ब्यूरो सदस्य कॉ धीरेन्द्र झा, जिला सचिव प्रोफेसर उमेश कुमार, राज्य कमिटी सदस्य कॉ मंजू प्रकाश, कॉ बंदना सिंह, जिला कमिटी सदस्य कॉ अजय कुमार, कॉ ललन कुमार मंचासीन थे। समाचार प्रेषण तक कार्यशाला जारी है।
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