विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। गोमियां प्रखंड (Gomiayan block) के हद में साड़म में लाखों की लागत से बना विद्युत सब स्टेशन केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। उक्त सब-स्टेशन के बनने के 8 वर्ष गुजर जाने के बाद आज भी स्थिति ज्यों की त्यों है।
जानकारी के अनुसार साड़म में आठ वर्ष पूर्व विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कराया गया। सब स्टेशन के बने वर्षों बीत गए। दो बार उद्घाटन की तिथि भी तय हुई। इसके बाद भी इसे चालू नहीं किया जा सका। इस संबंध में जानकारों का कहना है कि सब स्टेशन के निर्माण में कई अनियमितता बरती गई है, इस कारण उद्घाटन नही हो पा रहा है।
इस संबंध में बिजली विभाग elestri के कार्यपालक अभियंता समीर कुमार ने बताया कि विद्युत सब स्टेशन पूरी तरह से बनकर तैयार है। शीघ्र ही उद्घाटन भी कराया जाना है, लेकिन विद्युत सब-स्टेशन के कंट्रोल रूम का पेंटिंग काम नहीं होने के कारण अभी उद्घाटन की तिथि निर्धारित नहीं की गई है।
जब पूछा गया कि पेंटिंग का काम कब तक हो जाएगा, उन्होंने बताया कि अभी पेंटिंग काम का टेंडर नहीं हुआ है। विभागीय जीएम से बात हुई है, जल्द ही टेंडर होने की उम्मीद है।
ज्ञात हो कि गोमियां विद्युत सब-स्टेशन से एक बड़ी आबादी को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। घनी आबादी और दूर दूर गांव तक बिजली निर्बाध गति से पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए झारखंड के पूर्व मंत्री एवं गोमियां के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह ने साड़म और ललपनिया में दो अतिरिक्त सब स्टेशन का शिलान्यास 2 फरवरी 2014 को किया था।
ताकि इस क्षेत्र के रहिवासियों को निर्बाध बिजली मिल सके। इस सब स्टेशन के बने 8 वर्ष गुजर जाने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। रहिवासियों को लाभ मिलता नहीं दिखता।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक कंट्रोल रूम (Control Room का पेंट नहीं हो जाता तब तक उद्घाटन नहीं हो पाएगा। जब तक टेंडर नहीं होगा, तब तक पेंटिंग का काम शुरू नहीं हो पाएगा। लाखों की लागत से बना विद्युत सब-स्टेशन अब केवल शोभा की वस्तु बन कर रह गया है।
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