ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय अनिल कुमार की अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में सिद्ध दोषी पाने के बाद नावाडीह थाना के हद में बिरनी निवासी अजय कुमार साव को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
बताते चलें कि धनबाद जिला (Dhanbad district) के हद में हरिहरपर (गोमो) थाना निवासी सूचिका सुनीता देवी ने नावाडीह थाना प्रभारी के समक्ष बीजीएच अस्पताल (BGH Hospital) में अपना बयान दर्ज करवाया कि उनकी पुत्री की शादी अजय कुमार साव के साथ हुई थी। उनका एक बच्चा भी है।
शादी के बाद से ही उसके पति और ससुराल के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित किया करते थे। उसके साथ मारपीट भी किया करते थे और खाना भी नहीं दिया करते थे। उसके बाद उसके पति के द्वारा दहेज के लिए एक लाख रुपए मांगा गया।
नहीं देने पर गाली गलौज किया गया। फोन पर हमेशा धमकी दिया जाता था कि अगर आप लोग दहेज नहीं देंगे तो आपकी बेटी को मार देंगे। सूचक के अनुसार 7 जून 2018 को पुत्री के ससुराल के अगल-बगल के लोगों का फोन आया कि बेटी को जला दिया गया है।
सुचिका ने इसकी जानकारी के लिए दामाद से बात की तो उन्होंने बताया कि खाना बनाने के दौरान वह जल गई। उसे बोकारो के बीजीएच अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। उसके बाद तुरंत सूचीका भी बीजीएच पहुंची। जहां इलाज के दौरान उनकी पुत्री की मृत्यु 8 जून 2018 की रात्रि को हो गई।
उसने बताया कि उसका दावा है कि उसकी पुत्री को उसके पति और ससुराल वालों ने मिलकर दहेज के लिए जला दिए, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उक्त बयान के आधार पर नावाडीह थाना में मामला दर्ज किया गया। आरोप पत्र समर्पित होने के बाद मामला स्थानांतरित होकर अनिल कुमार के न्यायालय में आया।
न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्य और गवाहो के बयान के बाद अजय कुमार साव को दहेज हत्या के मामले में सिद्ध दोषी पाया। सिद्ध दोषी पाने के बाद अजय कुमार साव को जिला जज द्वितीय अनिल कुमार ने दहेज हत्या के मामले में 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
सजा सुनाने के बाद अजय कुमार साव को तेनुघाट जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बहस किया।
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