धड़ले से की जा रही है नदी किनारे मिट्टी की कटाई
अजित जायसवाल/पेटरवार(बोकारो)। झारखंड व् बंगाल राज्य के दर्जनों शहरी व् ग्रामीण क्षेत्रों के लिये वरदान साबित हुए दामोदर नदी को कहीं संकरी की जा रही है तो अनेको स्थलों पर अबाध गति से बंगला ईंट निर्माण कराने वालों द्वारा नदी की चौड़ाई को बढ़ाया जा रहा है। जिससे निकट के आबादी वाले इलाकों के लिये खतरे की आशंका बढ़ रही है।
मालूम हो कि बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में बेरमो कोयलांचल एवं पेटरवार प्रखंड के कई पंचायतों को जोड़ने के उद्देश्य से अंगवाली एवं सिंगारबेड़ा/बालूबंकर के निकट दामोदर नदी में निर्मित पुल के निकट नदी के उत्तरी दिशा में दर्जनों लोगों द्वारा बंगला ईंट निर्माण आबाध गति से कराया जा रहा है। जिसके लिये किये जा रहे मिट्टी की कटाई से नदी की चौड़ाई करीब डेढ़ गुना बढ़ गया है। जानकार बताते हैं कि इससे निकट के पुल की सुरक्षा को खतरा तो है ही। साथ में नदी से सटे हुए आबादी वाले गाँव सिंगारबेड़ा व बालूबंकर श्रमिक कॉलोनी के अस्तित्व को भी भविष्य में काफी खतरा मंडरा रहा है। कहते हैं कि कथित ईंट निर्माण कराने वाले स्थानीय हैं, जो नदी किनारे वाली भूमि को निजी बताते हुये बिना रोकटोक के यह धंधा कर रहे हैं।
यदि माना जाय कि वे निजी भूमि पर ईंट बनवा रहे हैं,लेकिन सवाल यह है कि उन्हें नदी की चौड़ाई को बढ़ाने का अधिकार है? यदि नही तो प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर कार्रवाई किया जाना चाहिये। प्रशासनिक चुपी से ही ऐसे तत्त्वों का मनोबल बढ़ता जाता है,जो निजी लाभ के लिये जनहित की भवना को तिलांजलि दे देते हैं।
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