एस. पी. सक्सेना/बोकारो। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर 4 सितंबर को बोकारो जिला के हद में कथारा शिव मंदिर के समीप स्थित कोणार्क टॉवर परिसर में जीटीएस इंस्टीट्यूट (GTS Institute) द्वारा समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में इंस्टीट्यूट से जुड़े छात्र-छात्राएं सहित गणमान्य शिक्षक गण उपस्थित हुए। आयोजित समारोह में केक काटे गए।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को सफलता के कई टिप्स दिए। मौके पर रामविलास प्लस टू उच्च विद्यालय बेरमो के शिक्षक पंकज कुमार सिंह ने कहा कि गुरु वह है जो अपने शिष्य को सही राह दिखाये। उस राह पर चलना शिष्य का कर्तव्य बनता है। उन्होंने कहा कि सफलता तभी मिलती है, जब हम कठिन परिश्रम से लक्षित लक्ष्य को हासिल कर सके।
राजेंद्र प्रसाद सिंह डिग्री कॉलेज चंद्रपुरा के प्रोफेसर पंकज यादव ने रामायण एवं महाभारत काल के गुरु शिष्य के महत्व को बताते हुए कहा कि रामायण काल के श्रीराम के अनन्य शिष्य हनुमान जी की विश्व में पूजा की जाती है, जबकि महाभारत काल के श्रीकृष्ण के अनन्य शिष्य अर्जुन की पूजा नहीं किया जाता।
इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि हनुमान ने बिना किसी संदेह के अपने गुरु श्रीराम के आदेशो का अक्षरश: पालन करते हुए उनके आज्ञा को सहर्ष स्वीकार किया, जबकि अर्जुन आदेश के बावजूद संशय वश बाण नहीं चला पा रहा था। इसलिए गुरु के बताये मार्ग को बिना किसी संशय के उसका अनुपालन करने से सफलता निश्चित है।
महाप्रबंधक कार्यालय कर्मी राकेश मिश्रा ने बच्चों को सफलता के लिए मेडिटेशन और ग्रुप डिस्कशन करने पर जोर दिया। जीटीएस इंस्टीट्यूट के प्रमुख राजेश मिश्रा ने कहा कि इस इंस्टिट्यूट का उद्देश्य यह है कि बच्चे जहां पूर्व में किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी को लेकर पटना, रांची, बोकारो जैसे बड़े शहरों में जाते थे।
वही सुविधा उन्हें यहीं क्यों ना दिया जाए। यहां के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर प्रतियोगिता में शामिल होकर सफलता प्राप्त करें और बेहतर से बेहतर नौकरी प्राप्त कर सके। उन्होंने अबतक इस इंस्टीट्यूट के बच्चों द्वारा प्राप्त सफलता को बताया। इस अवसर पर राकेश कुमार सिन्हा, प्रेम नाथ मिश्रा, महेंद्र कुमार, नीरज कुमार, विवेकानंद स्कूल जारंगडीह के शिक्षक साजेश कुमार आदि ने भी बच्चों को सफलता के नए नए टिप्स दिए।
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