नन्द कुमार सिंह/फुसरो (बोकारो)। सीसीएल (CCL) ने चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 68.33 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया है। सीसीएल के तेरह कोयला क्षेत्र में अम्रपाली प्रथम, पिपरवार द्वितीय, मगध तृतीय, बीएंडके चतुर्थ, बरका- सयाल पंचम और ढोरी एरिया कोयला उत्पादन में छठा स्थान प्राप्त किया है।
जानकारी के अनुसार कोयला उत्पादन को लेकर हाल के दिनों में बेरमो कोयलांचल के बीएंडके, ढोरी और कथारा क्षेत्र की सेहत में लगातार सुधार देखा जा रहा है। इसके लिए तीनों क्षेत्रों में टीम वर्क से काम किया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए ढोरी क्षेत्र के महाप्रबंधक एम के अग्रवाल (Genral Manager M K Agrawal) ने बताया कि क्षेत्र द्वारा चालू वित्त वर्ष 2021-22 के अंतिम दिवस 31 मार्च तक क्षेत्र द्वारा 41लाख़ 25 हजार टन कोयले का उत्पादन किया गया। जबकि ओबी 109 लाख धन मीटर का निस्तारण किया गया।
वही कोयला डिस्पैच 38 लाख़ टन किया गया। सीसीएल में कोयला उत्पादन मे चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले बीएड़के क्षेत्र के महाप्रबंधक एम के राव ने बताया कि क्षेत्र द्वारा 71 लाख़ 30 हजार टन कोयला उत्पादन किया गया। जबकि ओबी 127 लाख़ धन मीटर का निस्तारण किया।
वही कोयला का डिस्पैच 75 लाख 25 हजार टन किया गया। इसमें हर रोज तेजी लाने का प्रयास चल रहा है। कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक एम के पंजाबी ने बताया कि क्षेत्र द्वारा कोयला उत्पादन 14 लाख 50 हजार टन किया गया। महाप्रबंधक पंजाबी ने बताया कि कोयला उत्पादन में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग (Outsourcing) पैच का टेंडर नहीं होने कारण कोयला उत्पादन लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि टीमवर्क व सबके सहयोग से कथारा क्षेत्र अगले वित्त वर्ष 2022-23 में लक्ष्य से ज्यादा उत्पादन करेगा।
ढोरी क्षेत्र के जीएम मनोज कुमार अग्रवाल (GM Manoj Kumar Agrawal) और बीएंडके क्षेत्र जीएम एम के राव ने कहा कि यूनियनों, क्षेत्रीय सलाहकार समिति, वेलफेयर समिति तथा सुरक्षा समिति के सदस्यों के सहयोग से उत्पादन लक्ष्य प्राप्त हुआ।
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