सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पंचायत चुनाव से पहले पश्चिमी सझभूम जिला के हद में सारंडा समेत लौहांचल क्षेत्र में राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ने-बढ़ने लगा है। सबसे ज्यादा चर्चा जिला के हद में किरीबुरु पूर्वी पंचायत की मुखिया पद के चुनाव को लेकर हो रही है।
इस बार भी किरीबुरु पूर्वी पंचायत चुनाव में मंगल सिंह गिलुवा स्वयं मुखिया पद का चुनाव लड़ रहे हैं। उनके लिये सबसे बड़ी चुनौती रिश्ते में उनके छोटे भाई बराईबुरु निवासी सामू चरण सोय हैं। इससे इस सीट पर मुकाबला रोचक होने वाला है।
क्षेत्र में इसको लेकर खासा चर्चा है। बताया जाता है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पूर्व मंगल गिलुवा व सामू चरण सोय के बीच आपस में बैठक कर सहमति बनाने की लगातार कोशिश हुई, लेकिन सहमति नहीं बनी। ऐसी स्थिति में अगर मंगल सिंह गिलुवा चुनावी मैदान में होने के कारण उक्त सीट सबसे हॉट सीट के रूप में लोगों द्वारा देखा जा रहा है।
इस पंचायत में कुल 10 वार्ड एवं लगभग 4 हजार मतदाता हैं। मौके पर 3 मई को एक भेंट में मुखिया प्रत्याशी सामु चरण सोय ने बताया की मंगल सिंह गिलुवा उनके बड़े भाई है। उनसे उनका कोई वैचारिक मतभेद आदि नहीं है। दोनों आज भी एक परिवार और भाई की तरह मतदाताओं की इच्छानुसार चुनाव में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम जीतते हैं तो सरकार की सारी योजनाओं को घर-घर व जन-जन तक पहुंचायेंगे।
बताया जाता है कि उक्त सीट पर एकीकृत बिहार के समय से लेकर अब तक गिलुवा परिवार का कब्जा रहा है । एकीकृत बिहार के समय हुए पंचायत चुनाव में किरीबुरु पंचायत की मुखिया पद पर बराईबुरु निवासी स्व. यादव गिलुवा वर्षों तक काबिज रहे।
बिहार से झारखंड अलग होने के बाद इस पंचायत चुनाव में अपने पिता स्व. यादव गिलुवा की बादशाहत को उनके सामाजसेवी पुत्र सह भाजपा अनुसूचित जन-जाति मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य मंगल सिंह गिलुवा ने मुखिया पद पर पहला जीत दर्ज कर कायम रखें।
दूसरी बार यह सीट महिला के लिए आरक्षित होने की वजह से इस सीट पर मंगल गिलुवा की पत्नी पूनम कुई उर्फ पूनम गिलुवा ने एकतरफा जीत दर्ज कर जीत की परम्परा व बादशाहत को जारी रखा। बरहाल इस पंचायत में भाई भाई में कांटे की टक्कर है।
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