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विस्थापित आंदोलनकारियों की मांगों को ओएनजीसी ने माना-योगेंद्र

विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। आंदोलनरत विस्थापित बेरोजगार संघर्ष समिति की मांगों को अंततः ओएनजीसी ने मान लिया है। मांगे नही मानने पर होती आर पार की लड़ाई। उक्त बातें गोमियां के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद महतो ने 10 मार्च को पत्रकार वार्ता में कही।

ज्ञात हो कि स्थानीय विस्थापित बेरोजगार संघर्ष समिति बीते 7 मार्च से ही गोमिया प्रखंड के हजारी पंचायत के खुदगढ़ा स्थित ओएनजीसी कंपनी के मुख्य गेट के समीप अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पर डटे थे।

आंदोलन की अगुवाई विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष गणेश प्रसाद यादव एवं सचिव राजकुमार प्रजापति कर रहे थे। आंदोलन में सैकड़ों महिला-पुरुष रहिवासी विस्थापितों ने हिस्सा लिया और दिन रात कंपनी के गेट के समक्ष डटे रहें।

जानकारी के अनुसार कंपनी के अधिकारियों ने 10 मार्च को गोमियां के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद महतो एवं आंदोलन की अगुआई कर रहे आंदोलनकारी से ओएनजीसी के अधिकारियों ने वार्ता की। इस वार्ता में कंपनी ने आंदोलनकारियों के सभी छह सूत्री मांगों को मान लिया।

जानकारी देते हुए पूर्व विधायक महतो ने कहा कि यहां के विस्थापित महिला पुरुष रहिवासी डटकर कंपनी का मुकाबला किया तब जाकर यह जीत मिली। यहां की समस्या, बिजली, पानी, बेरोजगारी एवं शिक्षा सहित छह सूत्री मांगों को मान लिया गया है। अगर कंपनी मांगे नहीं मानती तो आर पार की लड़ाई होती।

मौके पर प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष लुदु मांझी, अमित पासवान, बंटी उरांव, चंद्रदीप पासवान, रामचंद्र ठाकुर, तारामणि भोगता सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। वही ओएनजीसी कंपनी की ओर से राजेश पटवे, अमन कनडुलन, अरूण मुंडा, लॉरेंस तिग्गा, सुदीप एवं सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे।

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