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औंरा को प्रखंड बनाने की मांग लेकर एक दिवसीय धरना

प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। औंरा को प्रखंड बनाने की मांग को लेकर 9 मार्च को गिरिडीह जिला (Giridih district) के हद में बगोदर प्रखंड मुख्यालय परिसर में प्रखंड नवनिर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले एक दिवसीय धरना दिया गया। बता दे कि बगोदर प्रखंड के पुर्वी जोन के दस पंचायतों को मिलाकर नया प्रखंड बनाने की मांग का अन्दोलन की कयावाद तेज हो गई।

धरना के क्रम में उपस्थित लोगों को सबोंधित करते हुए पोखरिया मुखिया कंचन देवी ने कहा कि बगोदर प्रखंड मुख्यालय सुदुर ग्रामिण क्षेत्रो से लोगों के आने जाने में काफी परेशानी होती है। साथ ही आवासीय, जाति, आय, जन्म प्रमाण पत्र सहित छोटे छोटे कार्यो के लिए कई चक्कर लगाने होते है।

ऐसे में गरीबों को काफी परेशानी के साथ खर्च भी अधिक होती है। बेको पुर्वी मुखिया टेकलाल चौधरी ने कहा कि औरा को प्रखंड का दर्जा मिलने से बगोदर के पुर्वी जोन के ग्रामीणों को काफी सुविधा के साथ समय पर लोगों का काम होगा।

वहीं बगोदर सरिया अनुमंडल कार्यलय की दुरी लगभग 55 किलोमीटर से भी अधिक होगी। जिससे लोगों को काफी परेशानी होगी। साथ ही आने जाने में वाहन किराये अधिक खर्च होगी। ऐसी स्थिति में पुर्वी जोन के सभी दस पंचायतों को डुमरी अनुमंडल से जोड़ा जाय, ताकी लोगों को हितकारी होगी।

चौधरी बाँध के मुखिया पति प्रेम साहु ने कहा कि सुदुर ग्रामीण क्षेत्र से एनएच दो से गुजर कर आने में काफी दिक्कत होती है, क्योंकि इतनी गाड़िया चलती है कि रोड पार करना दुर्घटना को आमंत्रण देना जैसा होता है। कई बार ऐसी स्थिति में हादसे भी हुआ है।

औरा को प्रखंड का दर्जा मिलने से आसपास के दस पंचायतों के लोगों को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में औरा मुखिया महेश महतो, अलगडीहा मुखिया अख्तर अंसारी, तिरला मुखिया अनवर, बेको पश्चिमी मुखिया मुनेजा खातुन अंसारी, चन्द्रदेव महतो, सिकेन्द्र अली, आदि।

जितेन्द्र महतो, तोहिद आलम, इस्तीयाक अंसारी, अंजना देवी, कुमार आदर्श, कामेश्वर यादव, अनिल यादव, मनोज साहु, रवि मेहता, अमजद खान सहित काफी संख्या में महिला पुरुष शामिल थे।

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