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कलश यात्रा के साथ तीन दिवसीय महायज्ञ की हुई शुरुआत

विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। गोमिया प्रखंड (Gomian block) के हद में साड़म पश्चिमी पंचायत में कलश यात्रा के साथ तीन दिवसीय महायज्ञ की शुरुआत।
मड़ईटोला में 23 अप्रैल को कलश यात्रा के साथ सादगीपूर्ण वातावरण में तीन दिवसीय श्री श्री शिवमंदिर प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ की आरंभ हुई। सुबह मास्क लगाए चंद महिला श्रद्धालुओं ने अपने माथे पर कलश लेकर साड़म स्थित बोकारो नदी घाट गए, ततपश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश में जल भरकर पूरे गांव का भर्मण करते हुए वापस यज्ञस्थल पर पहुंचकर कलश को स्थापित किया गया एवं कलश स्थापित के साथ ही तीन दिवसीय महायज्ञ की शुरुआत हो गई। इस दौरान कोविड को लेकर जारी किए गए सरकारी गाइडलाइंस (Government Guidelines) का पूरी तरह से पालन किया गया। इस अवसर पर यजमान पंडित मथुरा तिवारी एवं अहिल्या देवी ने बताया कि महायज्ञ को लेकर बीते दो अप्रैल को मंदिर प्रांगण में ध्वजारोहण भी किया गया था।उन्होंने बताया कि कोविड-19 को लेकर सरकारी गाइडलाइंस का पालन करते हुए शुक्रवार को चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि के दिन कलश यात्रा के पश्चात मंडप प्रवेश एवं वेदीपुजन किया गया है। 24 अप्रैल को द्वादशी तिथि के दिन जलाधिवास एवं सज्याधिवास तथा रविवार 25 अप्रेल त्रयोदशी तिथि को शिखर स्थापन, प्राण-प्रतिष्ठा, हवन आरती का कार्यक्रम होगा।वहीं उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में महायज्ञ का बहुत बड़ा महत्व है। महायज्ञ के दौरान आसपास क्षेत्र का वातावरण शुद्व हो जाता है। इस दौरान लोग पुण्य के सागर में आस्था की डुबकी लगाते हैं। उन्होंने बताया कि आदि काल से ऋषि मुनि जन कल्याण, सुख समृद्धि, स्वस्थ समाज निर्माण के साथ-साथ विश्व शांति के लिए यज्ञ का आयोजन करते थे। हवन कुंड में अग्नि को दी जाने वाली तिल, जौ, घी, मधु ,चंदन आदि हवन सामग्री के आहुति से वातावरण शुद्ध होता है। वायु प्रदूषण का ग्राफ नीचे गिरता है। हानिकारक सूक्ष्म जीवाणुओं का नाश होता है। इससे लोगों के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होने लगता है। अच्छी बारिश होती है जिससे धन धान्य की वृद्धि होती है। लोगों में सुख समृद्धि आती है और स्वस्थ समाज निर्माण को बल मिलता है। दुष्ट प्रवृत्तियों का नाश होता है। जिससे विश्व शांति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने बताया कि कोविड को लेकर महायज्ञ के कार्यक्रम में भारी कटौती की गई है। मौके पर आचार्य दिलीप तिवारी, नरेश तिवारी, जगेश्वर उपाध्याय, मुरारी शर्मा, प्रदीप उपाध्याय आदि मौजूद थे।

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