
फिरोज आलम/जैनामोड़(बोकारो)। सरना धर्म कोड के लिए आयोजित एक आम सभा को पूर्व सांसद सालखन मुर्मू (Salkhan murnu) ने संबोधित किया। सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी महिला,पुरुष व् बच्चे उपस्थित थे। सभा में आदिवासियों ने पूर्व सांसद के सम्मान में पारंपरिक नृत्य संगीत प्रस्तुत किया।
पूर्व सांसद सह राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जदयू के प्रदेश अध्यक्ष झारखंड (Jharkhand) मुर्मू बोकारो जिला के हद में कनारी पंचायत में बरूआटाड टोला में 4 जनवरी को एक आदिवासी सेंगल अभियान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में हेमंत सोरेन की सरकार है जो एक आदिवासी हैं मगर आदिवासी के नाम पर कुछ नहीं करते। वहीं विपक्ष के नेता एक आदिवासी हैं मगर आदिवासी के लिए भी कुछ नहीं करते। अधिकांश विधायक आदिवासी हैं मगर लोगों में उनके प्रति उम्मीद छूट गई है। उन्होंने कहा कि बोकारो जिला में लगभग दो लाख आदिवासी हैं मगर आदिवासियों को न्याय नहीं मिलता। इसके लिए वे प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसभा करेंगे। यदि सरना धर्म कोड लागू होता है तो आगामी जनवरी के अंत में रोड-रेल का चक्का जाम करेंगे।
इस मौके पर सुनीता मुर्मू, केंद्रीय संयोजक हराधन मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष विदेशी महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश बेदीया, प्रदेश सचिव सुखदेव मुर्मू, जिला संयोजक भीम मुर्मू, नागदेव हेंब्रम, राखो किस्कू, जयराम सोरेन, जलेश्वर किस्कू आदि ने सभा को संबोधित किया।
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