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रेलवे की जमीन पर रहने वालों के लिए शिंदे ने केंद्रीय रेल मंत्री को लिखा पत्र

क्या इस बार मध्य रेलवे समझौता के मूड में ?

कार्यालय संवाददाता/मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कुर्ला-ट्रॉम्बे क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वाले झोपड़पट्टी वासियों के पुनर्वास के मुद्दे पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से संपर्क कर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। रेलवे प्रशासन द्वारा इन निवासियों को जगह खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। 5 नवंबर, 2026 को सहयाद्री गेस्ट हाउस में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया, जिसमें चेंबूर, कुर्ला और चांदीवली विधानसभा क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और पुनर्वास मामलों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार का उद्देश्य रेलवे की परियोजनाओं में बाधा डाले बिना दशकों पुराने निवासियों को एक गरिमापूर्ण और सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है।

गौरतलब है कि इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री शिंदे ने झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) को निर्देश दिया है कि वह इस क्षेत्र के निवासियों के पुनर्वास के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करे। यह मामला मुख्य रूप से कुर्ला पूर्व से लेकर वाशिनाका स्थित ट्रॉम्बे यार्ड तक का है, इनमें चिखलवाड़ी, आरसीएफ-प्रियदर्शिनी से सटे रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वाले लोगों से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा साबले नगर, क्रांति नगर और संतोषीमाता नगर की झुग्गियों का मुद्दा भी इसमें शामिल है।

बताया जाता है कि जबसे मध्य रेलवे ने अपनी जमीन से कब्जाधारियों को हटाने के लिए नोटिस दिया है। इसके बाद कुर्ला पूर्व से लेकर ट्राम्बे यार्ड तक रेल पटरियों के आजू -बाजु बसे हजारों नागरिकों में हडकंप मच गया है। हालांकि इसे लेकर कोई अदालत का दरवाजा खटखटा रहा है ,तो बड़ी संख्या में लोग अपने नेताओं की शरण ली है। इस मुद्दे पर कुर्ला विधानसभा क्षेत्र के विधायक मंगेश कुडालकर के पास भी लोगों का जमावड़ा लगा। इनमें साबले नगर, क्रांति नगर, संतोषी माता नगर, बर्मा सेल लाइन और रेलवे की ज़मीन पर दशकों से रह रहे नागरिकों ने अदालत की ओर से कार्रवाई करने के आदेश का हवाला देते हुए नोटिस मिलने की बात बताई। इस मुद्दे पर स्थानीय विधायक का कहना है कि रेलवे की जमीन पर बसे हजारों नागरिकों को विस्थापन के संकट से राहत मिलनी चाहिए।

इस मामले में भारतीय रेलवे के अनुसंधान एवं विकास (R&D) डिपार्टमेंट, झुग्गी- झोपडी पुनर्वास प्राधिकरण ‘(SRA), मुंबई के दोनों जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त सहित सभी संबंधित एजेंसियों को एक मीटिंग करनी चाहिए। इतना ही नहीं इस मुद्दे पर एक कॉमन पॉलिसी तय करनी चाहिए कि क्लस्टर प्रोजेक्ट के जरीय इन नागरिकों का पुनर्वास कैसे और कहां किया जा सकता है। इस मुद्दे पर पिछले कई सालों से, केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार एक ‘साझा न्यूनतम कार्यक्रम’ (CMP) बनाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है। इन सब के बावजूद कयास लगाया जा रहा है कि मध्य रेलवे इस बार समझौता के मूड में नहीं है।

Tegs: #Shinde writes to Union Railway Minister regarding those living on railway land

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