जानलेवा बिमारियों को जन्म देता रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट, 1 हुआ बंद 3 चालू
मुश्ताक खान/मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (मनपा) के परिमंडल पांच कि हद में आने वाले एम पूर्व के अधिकारियों की दोगली नीतियों के करण गोवंडी, शिवाजी नगर विधानसभा, चेंबूर विधानसभा और अनुशाक्तिनगर विधानसभा की जनता विभिन्न खतरनाक बिमारियों का शिकार हो रहे हैं। क्योंकि इस इलाके में एक दो नहीं चार रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों की वजह से पूरा वायुमंडल प्रदूषित हो गया है। इससे दर्जनों जानलेवा रोगों ने अपना पांव पसारने लगे हैं। इनमें आँखों में जलन और मोतियाबिंद, चर्मरोग, सांस लेने में दिक्कत (दमा), कुष्ठ रोग व अन्य कई बिमारियों का समावेश है। इस मुद्दे पर विभिन्न समाजसेवकों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए प्रभाग समिति कि अध्यक्षा खैरुन्निशा अकबर हुसेन शेख ने 16 अक्टूबर 2026 को सर्वसम्मति चारो रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांटों को बंद करने का आदेश पारित किया। इस कड़ी खास बात यह है कि चार में से एक प्लांट मनपा की जमीन पर था, जिसे 22 अक्टूबर को बंद करा दिया गया। जबकि अन्य तीन जिलाधिकारी के जमीन पर हैं, वो अब भी सुचारू रूप से चल रहे हैं।
दीपावली के बाद जिलाधिकारी से मिलेंगी खैरुन्निशा शेख
गौरतलब है कि जहर उगलती रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों की विभिन्न शिकायतकर्ताओं में शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्त्ता मो. हुसैन खान का भी समावेश है। बताया जाता है कि मो. हुसैन खान ने ही प्रभाग क्रमांक 145 की नगरसेविका व प्रभाग समिति की अध्यक्षा खैरुन्निशा अकबर हुसेन शेख को भी निजी तौर पर पत्र दिया था। इसके बाद ही यह कार्रवाई संभव हो पाई। खैरुन्निशा शेख ने कहा है कि सरकारी जमीं पर चल रहे अन्य तीनों रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों को बंद करने के मुद्दे पर वो खुद दीपावली के बाद जिलाधिकारी से मिलने वाली हैं। उन्होंने दावा किया है इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचने के बाद ही दम लेंगी।
क्योंकि इससे गोवंडी, शिवाजी नगर, बैगनवाड़ी, देवनार और मानखुर्द, चिता कैंप और चेंबूर विधानसभा के कई इलाके वायु प्रदूषण की चपेट में हैं। इन प्लांटों से निकलने वाली सीमेंट की धूल और प्रदूषित हवा स्थानीय नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो रहीं हैं। इससे हेने वाली परेशानियों की शिकायतें लगातार आ रही हैं। स्थानीय निवासियों ने इन कंपनियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए इन्हें तत्काल बंद करने की मांग की है।
रिश्वतखोरी के दम पर अब भी 3 प्लांट चालू
बताया जाता है कि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) ने दिसंबर 2025 में चार RMC प्लांटों को बंद करने के आदेश जारी किए थे। इनमें ओम गेहलोत ऑपरेटर, एनसीसी लिमिटेड, रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और एक अन्य निर्माण कंपनी का प्लांट शामिल बताया गया है। लेकिन एमपीसीबी के आदेशों के बावजूद रिश्वतखोरी के दम पर लगभग सभी प्लांट धडल्ले से चल रहे थे।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई प्लांटों में धूल रोकने के लिए आवश्यक चारदीवारीनुमा कवर, स्प्रिंकलर सिस्टम और कंक्रीट मिक्सर वाहनों के टायर धोने की व्यवस्था नहीं है। एक प्लांट स्कूल से निर्धारित 200 मीटर की दूरी के नियम से भी कम 187.3 मीटर पर होने का दावा किया था। पास में सामुदायिक भवन होने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।
मनपा और एमपीसीबी ने एक प्लांट किया सील
इस मामले में स्थानीय नागरिकों के साथ नगरसेवकों की एंट्री को देखते हुए 23 अक्टूबर 2026 को मनपा और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोवंडी के एम-पूर्व विभाग के अंतर्गत आने वाले एक RMC प्लांट को सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस अभियान में विभिन्न राजनीतिक दलों के नगरसेवकों ने भी एकजुट होकर आवाज उठाई थी। अब बाकी तीन प्लांटों को बंद कराने की मांग की जा रही है।
नागरिकों ने प्रशासन को भेजा कानूनी नोटिस
गोवंडी सिटीजन्स वेलफेयर फोरम के अध्यक्ष एडवोकेट फैयाज आलम शेख ने मनपा और एमपीसीबी से संबंधित विभागों को कानूनी नोटिस भेजकर सभी प्रदूषणकारी प्लांटों को बंद करने की मांग की है। नागरिकों ने प्लांटों के उत्सर्जन का स्वतंत्र ऑडिट कराने और नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंचाई गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि देवनार डंपिंग ग्राउंड और अन्य प्रदूषणकारी इकाइयों के कारण पहले से ही क्षेत्र की हवा प्रभावित है। ऐसे में कंक्रीट प्लांटों से निकलने वाली धूल लोगों की परेशानियों का सबब है। अब लोगों की निगाहें मनपा और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
Tegs: #Ready-mix concrete plant polluting the atmosphere across three assembly constituencies
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