शिक्षकों और बच्चों ने ली विद्यालय को स्वच्छ रखने की शपथ
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय टांगटोना में 28 अक्टूबर को स्वच्छता को लेकर प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक, सभी शिक्षकगण, कर्मचारी, आईसीटी इंस्ट्रक्टर और विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सहित छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं हरा-भरा रखने की शपथ ली। कार्यक्रम को बेहद सफल ढंग से संपन्न कराया गया, जिसमें सभी ने अपने-अपने विचार को साझा किए।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद कुमार ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का आधार है। स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क के लिए स्वच्छ वातावरण होना अति आवश्यक है। कहा कि बच्चों और शिक्षकों ने जो स्वच्छता की शपथ ली है, उसका उद्देश्य केवल विद्यालय परिसर को साफ रखना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर ऐसी आदत विकसित करना है जो उन्हें जीवन भर एक जिम्मेदार इंसान बनाए। शिक्षक सुबोध महतो ने कहा कि बच्चों में बचपन से ही साफ-सफाई के प्रति जागरूकता पैदा करना हमारा मुख्य कर्तव्य है।
कहा कि जब बच्चे विद्यालय और अपने आस-पास की सफाई खुद करेंगे, तो उनके अंदर अपने परिवेश के प्रति अपनत्व और जिम्मेदारी की भावना जागृत होगी। अरुण विजय एक्का ने कहा कि यह पहल बेहद सराहनीय है। स्वच्छता सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
शिक्षक देवधारी महतो ने कहा कि एक स्वच्छ विद्यालय में ही बेहतर शिक्षा का माहौल बनता है। आज की यह शपथ बच्चों को भविष्य में स्वच्छता के प्रति और अधिक सतर्क और जागरूक बनाएगी।
तारकेश्वर प्रसाद ने कहा कि विद्यालय हमारा दूसरा घर है और इसे स्वच्छ रखना हम सबका नैतिक दायित्व है। बच्चों ने जिस उत्साह के साथ इस शपथ ग्रहण में भाग लिया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। वेद प्रकाश ने कहा कि स्वच्छता अपनाने से बीमारियां दूर रहती हैं और पठन-पाठन का माहौल भी अनुकूल बनता है। हमें अपने विद्यालय को अपने क्षेत्र का सबसे स्वच्छ और आदर्श विद्यालय बनाना है। कपिलेश्वर महतो ने कहा कि आज का यह संकल्प विद्यालय के लिए मील का पत्थर साबित होगा। शिक्षक और छात्र मिलकर यदि ठान लें, तो पूरा परिसर और समाज स्वच्छ हो सकता है।
लालकिशोर महतो ने कहा कि स्वच्छता का संदेश घर-घर तक पहुंचना चाहिए। विद्यार्थियों ने आज जो संकल्प लिया है, वे इसे अपने मोहल्लों और घरों में भी लागू करेंगे, ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है। रथू महतो ने कहा कि साफ-सफाई से न केवल हमारा वातावरण सुंदर दिखता है, बल्कि मन भी प्रफुल्लित रहता है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों में अनुशासन की भावना मजबूत होती है।
शिक्षिका सरिता देवी ने कहा कि छात्राओं और बच्चों में स्वच्छता को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। एक महिला और शिक्षिका होने के नाते मेरा मानना है कि साफ-सफाई की शुरुआत व्यक्तिगत स्वच्छता से होती है, जो विद्यालय से होते हुए समाज तक फैलती है। आईसीटी इंस्ट्रक्टर कुमारी तपोसी महतो ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और व्यावहारिक शिक्षा भी उतनी ही जरूरी है। स्वच्छता का यह पाठ बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाएगा। मौके पर विद्यालय के लिपिक कुनाल कुमार महतो, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष भूषण महतो आदि ने भी स्वच्छता को निरंतर अपने जीवन में कायम रखने पर जोर दिया।
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