रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। विजयादशमी के पावन अवसर पर 21 अक्टूबर की देर संध्या बोकारो जिला के हद में बाजार टांड़ कसमार स्थित श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में रंगारंग आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
रात्रि 9 बजे से शुरू हुए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में धनबाद की प्रसिद्ध टीम सरगम के कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। खोरठा, बांग्ला और हिंदी गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज और शानदार गायकी से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। जैसे-जैसे गीत-संगीत की महफिल आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया। खोरठा के लोकप्रिय गीतों के साथ बांग्ला और हिंदी गीतों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। संगीत की धुनों पर दर्शकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।
दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सूरज प्रकाश जायसवाल के नेतृत्व में पूजा उत्सव श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष जायसवाल ने विजयादशमी के अवसर पर रंगारंग आर्केस्ट्रा कार्यक्रम ने पूजा उत्सव के माहौल को और भी उल्लासपूर्ण बना दिया।
धनबाद से आई सरगम टीम के कलाकारों ने विभिन्न भाषाओं के गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक संगीत के रंग में सराबोर रखा। खोरठा, बंगाली और हिंदी गीतों का संगम इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का अनूठा संगम विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम रहिवासियों के लिए मनोरंजन के साथ आपसी मेलजोल का अवसर भी बना।
दुर्गा पूजा के दौरान इस प्रकार के आयोजनों से क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण बनता है तथा कला एवं संगीत के प्रति आमजनों की रुचि को प्रोत्साहन मिलता है। आयोजित इस रंगारंग कार्यक्रम में सरगम टीम के कलाकारों द्वारा गीत-संगीत से सजी इस शाम ने विजयादशमी के उत्सव को यादगार बनाने में अपनी विशेष भूमिका निभाई। कुल मिलाकर, विजयादशमी के शुभ अवसर पर आयोजित यह आर्केस्ट्रा कार्यक्रम उत्साह, उमंग और संगीत से भरपूर रहा। खोरठा, बंगाली और हिंदी गीतों की प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों का मनोरंजन किया और दुर्गा पूजा उत्सव की खुशियों को और भी खास बना दिया।
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