महिला सशक्तीकरण की दिशा में मुंबई पुलिस का महत्वपूर्ण कदम
प्रहरी संवाददाता/मुंबई। मुंबई पुलिस ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शहर के 13 पुलिस थानों की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपी है। इन महिला अधिकारियों के कंधों पर अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर नियंत्रण रखने और नागरिकों की शिकायतों का निपटारा करने की अहम जिम्मेदारी है। कयास लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस थानों का प्रभार महिला अधिकारियों को देने के मामले में मुंबई पुलिस देश का पहला पुलिस बल बना है।
पुलिस आयुक्त देवेन भारती की पहल
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने शहर के 13 पुलिस थानों का प्रभार महिला अधिकारियों को सौंपा है। उनके अनुसार, महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ बच्चों से जुड़े अपराधों, घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों से संबंधित मामलों में महिला अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इन 13 पुलिस थानों की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को दी गई है इनमें सरिता तावड़े (सायन ), लता सुतार (पंतनगर), मीना जगताप (ताड़देव),सीमा गायकवाड (वी.पी. रोड), दीपशिखा वारे (वर्सोवा), प्रिया थोरात (विले पार्ले), रानी पुरी (मालवणी), सुप्रिया पाटील (खेरवाड़ी), सविता शिंदे (कांजुरमार्ग), मनीषा कुलकर्णी (चुनाभट्टी ),पुष्पलता मंडले (बोरीवली),साधना पाटील (भोईवाडा) और सपना क्षीरसागर को भांडुप पुलिस स्टेशन की जिम्मेदारी दी गई है।
वर्ष 2018 में हुई थी पहली पहल
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस में महिला अधिकारियों को थानों की जिम्मेदारी सौंपने की पहल नई नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 में पहली बार आठ पुलिस थानों का प्रभार महिला अधिकारियों को दिया गया था। इसके बाद पुलिस बल में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ी है। वर्तमान में महिला अधिकारी थानों के संचालन के साथ-साथ विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक और जांच संबंधी जिम्मेदारियां भी संभाल रही हैं।
यानि महिला पुलिसकर्मियों का ऐतिहासिक सफर काफी शानदार रहा है। मुंबई पुलिस में महिलाओं की शुरुआत ‘सर्चर’ के रूप में हुई थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 1938 के आसपास शराबबंदी और शराब की तस्करी रोकने के प्रयासों के दौरान महिलाओं को जांच के लिए दैनिक वेतन पर नियुक्त किया गया था। धीरे-धीरे महिला कांस्टेबलों और अधिकारियों के पद बने तथा पुलिस विभाग में उनकी भागीदारी बढ़ती गई।
वरिष्ठ पदों पर भी महिलाएं संभाल रहीं जिम्मेदारी
मुंबई पुलिस में महिला अधिकारियों की भागीदारी अब थाना प्रभारी तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं सहायक पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त जैसे वरिष्ठ पदों पर भी कार्यरत हैं। डॉ. आरती सिंह के पास संयुक्त पुलिस आयुक्त (गुप्तवार्ता) की जिम्मेदारी है। मुंबई के 13 पुलिस थानों की कमान महिला अधिकारियों को सौंपा जाना पुलिस प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। अब इन अधिकारियों के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों का पुलिस पर भरोसा मजबूत करने की महत्वपूर्ण चुनौती है।
Tegs: #Women officers take charge of 13 police stations in Mumbai
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