एचएलओ ऐप से डेटा संग्रहण कार्य शुरू
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। भारत की जनगणना के प्रथम चरण ने अब रफ्तार पकड़ ली है। सारण जिले के सभी 30 चार्जों (20 ग्रामीण और 10 शहरी क्षेत्र) में गणना का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। आधुनिक तकनीक और मोबाइल ऐप के समन्वय से इस बार की जनगणना को बेहद सटीक और पारदर्शी बनाने की तैयारी है।
जानकारी के अनुसार जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए सारण जिले में 7,571 प्रगणक और 1,285 सुपरवाइजर फील्ड में उतर चुके हैं। जिले के कुल 3,00,704 मकानों पर नंबर अंकित कर नजरी नक्शा तैयार करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 4,952 कर्मियों ने विशेष एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन्स) ऐप इंस्टॉल कर लिया है, जबकि 314 प्रगणकों ने इस पर रियल-टाइम डेटा एंट्री भी शुरू कर दी है। वेब-मैप और फिजिकल वेरिफिकेशन में मिलने वाले अंतरों को सीएमएमएस और एचएलबीसी पोर्टल के माध्यम से तत्काल सुधारा जा रहा है।
बताया जाता है कि सारण जिला नोडल पदाधिकारी अदिति आनंद और ऑब्जर्वर आयुषी सिंह लगातार प्रखंडों का दौरा कर रही हैं। इस क्रम में 6 मई को सारण जिला के हद में परसा बाजार नगर पंचायत के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। जिला नोडल पदाधिकारी अदिति आनंद ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। हम समयबद्धता, शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहे हैं। कहा कि फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान अभिलेख संधारण और डिजिटल प्रविष्टि की स्थिति बेहतर पाई गई है।

सारण के जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव स्वयं कमान संभाले हुए हैं। वे प्रतिदिन तीन बार (सुबह 11 बजे, दोपहर 2 और शाम 5 बजे) प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। शहर के वार्ड नंबर 29 में जब एक प्रगणक को मकान सूचीकरण से रोका गया, तो जिला जनगणना अधिकारी ई. मुकेश कुमार के निर्देश पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तत्काल सक्रिय हुई। उप नगर आयुक्त अरशद इमाम के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर बाधा को दूर किया और कार्य पुनः शुरू कराया।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी तारणी कुमार के नेतृत्व में एनआईसी की तकनीकी टीम वार मोड में काम कर रही है। गूगल फॉर्म और पोर्टल्स के माध्यम से पल-पल की रिपोर्ट संकलित की जा रही है, ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का ऑन-स्पॉट समाधान किया जा सके।
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