जहां नक्सलीयों ने रोकी थी विकास की राह, वहां डीसी-एसपी ने संवाद से जगाया भरोसा
विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। बोकारो जिला मुख्यालय से लगभग 85 किलोमीटर दूर कभी घोर नक्सल प्रभाव के कारण भय और उपेक्षा की पहचान बना जिला के हद में गोमिया प्रखंड के सियारी पंचायत का बिरहोर टंडा (डुमरी) 29 अप्रैल को उम्मीद और विश्वास के नए अध्याय का साक्षी बना।
सियारी पंचायत के बिरहोर टंडा में लोक संवाद के तहत बोकारो जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) नाथू सिंह मीना जब पहाड़ पर बरगद की छांव तले पीवीजीटी बिरहोर परिवारों के बीच बैठे, तो यह सिर्फ जनता दरबार नहीं, बल्कि यह शासन के अंतिम पायदान तक पहुंचने की संवेदनशील पहल बन गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि जो क्षेत्र कभी मुख्यधारा से दूर माना जाता था, वहां अब सरकार खुद पहुंच रही है। रहिवासियों की समस्याएं सुनी गईं, अधिकारों पर चर्चा की गयी और विकास का भरोसा दिया गया।
बरगद तले बैठे यह संवाद कार्यक्रम मानो दूरस्थ पहाड़ियों में विश्वास का नया बीज बो गया। यहां स्थानीय ग्रामीणों ने क्रमवार आवास, पेयजल, सड़क, तालाब जीर्णोद्धार, शिक्षा तथा अन्य बुनियादी समस्या जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा के समक्ष रखे। ग्रामीणों की मांग पर मध्य विद्यालय डुमरी बिरहोर को उच्च विद्यालय में अपग्रेड करने की दिशा में की जा रही पहल की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिला से प्रस्ताव विभाग को भेजा जा चुका है। इसकी वे स्वयं मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि बच्चों को दूर पढ़ने नहीं जाना पड़े।
इस अवसर पर उपायुक्त झा ने कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी और गैर-आदिवासी सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण है। उन्होंने सामूहिक वन अधिकार के तहत पात्र रहिवासियों को पट्टा दिलाने हेतु ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित कर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही वन अधिकार कानून के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पंचायत क्षेत्र की सड़कों, विद्यालय और जलापूर्ति योजनाओं के समाधान के लिए ग्रामसभा आधारित प्रस्ताव जिला मुख्यालय को भेजने को कहा। पीएम जनमन योजना के तहत जर्जर आवास वाले पात्र परिवारों को लाभान्वित करने का भी निर्देश दिया।
उपायुक्त ने स्थानीय पंचायत के मुखिया रामवृक्ष मुर्मू से पंचायत क्षेत्र में बिना भेदभाव सभी गांवों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि मिलजुल कर रहिए, यही इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कल्याण विभाग के माध्यम से वाद्य यंत्र वितरण तथा सप्ताह में एक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय परंपरा और संस्कृति को जीवित रखने की बात कही।
आयोजित जनता दरबार के दौरान बच्चों के बीच कॉपी-कलम, फुटबॉल, बैट-बॉल, स्कूल बैग आदि का वितरण कर स्नेह जताया गया। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लॉन बॉल में बोकारो का मान बढ़ाने वाली रेशमा कुमारी को डीसी – एसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। मौके पर पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना ने कहा कि यह क्षेत्र पुर्व में नक्सल समस्या से प्रभावित रहा, जिससे क्षेत्र का विकास बाधित रहा, लेकिन अब स्थिति नियंत्रित है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी भ्रामक या असामाजिक तत्व को दोबारा पनपने न दे। उन्होंने कहा कि किसी फर्जी समूह से डरने की जरूरत नहीं है। किसी भी समस्या की जानकारी प्रशासन को दे, आपको हर संभव सहयोग मिलेगा।
मौके पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार ने भी ग्रामीण रहिवासियों को संबोधित करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा पत्तल निर्माण एवं रस्सी निर्माण के लिए मशीन उपलब्ध कराने की मांग पर सकारात्मक पहल करने की बात कही। मौके पर जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में रहिवासियों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया गया।

ज्ञात हो कि यह आयोजन केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि शासन अब दूरस्थ पहाड़ियों और अंतिम छोर के गांवों तक पहुंच रहा है। बरगद की छांव तले बैठा जनता दरबार ग्रामीणों के मन में यह विश्वास छोड़ गया कि प्रशासन सिर्फ सुनने नहीं, बल्कि उनके साथ खड़े होने आया है। मौके पर जिला स्तरीय पदाधिकारी यथा सेलीना टुडू, शक्ति कुमार, रवि कुमार, अविनाश कुमार सिंह, बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा, एसडीपीओ वशिष्ट नारायण सिंह, जिला परिषद सदस्य सह भाजपा बोकारो जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राज, गोमिया के प्रखंड प्रमुख प्रमिला चौड़े, गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो, अंचल अधिकारी आफताब आलम, पंचायत प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।
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