अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के पर्यटन विभाग के मुख्य सांस्कृतिक मंच पर 19 नवंबर को सुरभि कला मंच सोनपुर (सारण) की ओर से दिवाकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गयी। सांस्कृतिक कार्यक्रम में नर्तकी निशा कुमारी ने सत्यम शिवम सुंदरम पर भाव नृत्य प्रस्तुत कर दर्शक – श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायक सोनू बिहारी ने अपनी
प्रथम प्रस्तुति तोहरे से पूछी ले समाज हो बेटवा के लाज राखिया एवं सोनू बाबू के पियवा गइले कलकतवा ए सजनी को दमदार वाहवाही मिली। अरविंद कुमार एवं सोनू बिहारी ने सोनपुर के मेलवा में धनिया हेरैली और हमर देशवा महान की भाव नृत्य की प्रस्तुति में अरविंद कुमार, नूतन कुमारी को पसंद किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में ट्रैकिंग सॉन्ग में गौरव सिंह द्वारा गाए फिल्मी गीत तेरे चेहरे में वो जादू है।बिन डोर खिचा जाता हूं जाना होता है और कहीं तेरी ओर चला आता हूं, तेरे चेहरे में वो जादू है गायन पर खूब तालियां बजी। इसके अलावा प्यार हमारा अमर रहेगा गीत ने भी दर्शकों पर प्रभाव डाला। इस अवसर पर गायिका मोनी जयसवाल के द्वारा भजन तेरी मंद – मंद मुस्कनिया में बलिहार राघव जी, नई झूलनी के छैया बलम दुपहरिया बिताई ल न आदि गीत से अध्यात्म की ओर दर्शकों को उन्मुखीकरण हुआ।
जिला प्रशासन छपरा (सारण) द्वारा अगली प्रस्तुति में जहानाबाद के कलाकार हरिशंकर प्रसाद सिंह ने अपनी प्रथम प्रस्तुति कथी के रे कंगही शीतली मैया गाकर श्रोताओं को आह्लादित किया। इसी तरह भोजपुरिया अंदाज में सांझ बोले चिरई सवेरे बोले मोरवा कोरबा छोड़ दे बलमा, नई रे बहुरिया चली धीरे-धीरे, अखियां लोड़वा ना बहाव को सुना कर दर्शकों को स्तब्ध कर दिया। सहयोगी कलाकारों में बैंजो पर अशोक कुमार, ढोलक पर राजेश रंजन, इफेक्ट पर उमेश कुमार आदि ने सहयोग किया। मंच संचालन उद्घोषणा विट्ठलनाथ सूर्य ने किया।
इस बीच आरबीआई के द्वारा नाटक एवं पोपट शो की भी प्रस्तुति की गयी, जिसमें आरबीआई के पदाधिकारी मौजूद थे। वहीं आज की अंतिम प्रस्तुति राजन कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों के साथ काफी सक्रिय रहे खासकर संजय मिश्रा बैंड की विशेष सहभागिता रही है। उनकी प्रस्तुति जिला सारण गौरव गीत गगन के नीचे है तो धरा पर है यह सारण हिंद बिहार का गौरव, गंगा सा ये पवन ने दर्शकों को झूमा दिया। अगली प्रस्तुति बिहार गौरव गीत, मेरे भारत के कंठ हार और जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा और सागर किनारे दिल ये पुकारे आदि गीत गाकर महफिल में समां बांध दिया। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंजता रहा। कार्यक्रम के अंत में सीडीपीओ ने दोनों कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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