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लोकसेवा आश्रम में छठ व्रतियों के बीच पूजा सामग्री का वितरण

पूजा से यश, मान-सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा की होती प्राप्ति

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर स्थित लोक सेवा आश्रम के सूर्य मंदिर परिसर में 26 अक्टूबर को खरना के दिन मंदिर की ओर से व्रतियों के बीच पूजन-सामग्री का वितरण किया गया।

इस अवसर पर बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष सह लोकसेवा आश्रम के संत विष्णुदास उदासीन (मौनी बाबा), अजय कुमार एवं मंदिर के प्रमुख धर्मानुरागी अनिल सिंह गौतम ने सैकड़ों छठ व्रतियों के बीच पूजन-सामग्री का वितरण किया। पूजन – सामग्री में सूप, साड़ी, नारियल, दूध, अरवा चावल, गुड़ और श्रृंगार प्रसाधन आदि शामिल था।

मौके पर उपस्थित छठ व्रतियों को संबोधित करते हुए संत मौनी बाबा ने कहा कि प्रत्यक्ष देवता सूर्य नारायण की उपासना करने से व्यक्ति को दीर्घायु, तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति, घर-परिवार में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है एवं असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व की परंपरा केवल आस्था या पूजा का प्रतीक नहीं है। इसके पीछे एक गहन वैज्ञानिक आधार निहित है।

बाबा हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशीलचंद्र शास्त्री, अर्चक पवनजी शास्त्री एवं मंदिर के बाबा नंद कुमार ने सूर्य उपासना का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व बताते हुए कहा कि इससे आध्यात्मिक ज्ञान, स्वास्थ्य, यश और समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक दृष्टि से सूर्य को परम ब्रह्म और सभी लोकों का स्वामी माना जाता है, जबकि वैज्ञानिक रूप से इसे ऊर्जा का स्रोत और आरोग्यता (अच्छे स्वास्थ्य) का दाता माना जाता है। उन्होंने कहा कि परब्रह्म के दो रूप हैं। वेदों, उपनिषदों और पुराणों में सूर्य को साक्षात परब्रह्म या जगत की आत्मा माना गया है। सूर्य की उपासना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और व्यक्ति दरिद्र या रोगी नहीं होता। सूर्य की पूजा से यश, मान-सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उनकी आराधना से सुख-समृद्धि आती है।

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