प्रहरी संवाददाता/रांची (झारखंड)। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस सत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर रस्साकसी के आसार बन रहे है।
सरकार जहां इस सत्र को जनहित के मुद्दों पर चर्चा का माध्यम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे महज औपचारिकता करार दे रहा है। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय के अनुसार सरकार द्वारा मानसून सत्र की पूरी तैयारी कर ली गयी है। विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। झामुमो प्रवक्ता पांडेय के अनुसार झारखंड के आम जनों से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से सदन में चर्चा की जाएगी। वहीं विपक्षी राज्य में हो रहे कोयला, बालू, पत्थर, लौह अयस्क आदि की अवैध व्यापार को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी इस मुद्दे को लेकर अबतक खासतौर पर मुखर रहे है। इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि मानसून सत्र में इस मुद्दे को लेकर सरकार से जबाब तलब किया जायेगा। वहीं राज्य में हाल में हुई कई हत्या के मामले को लेकर भी सरकार को घेरने की कोशिश होगी। रांची विधायक व् भाजपा नेता सी. पी. सिंह ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सत्र केवल अनुपूरक बजट पास कराने के लिए बुलाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और जवाबदेही से पीछे हट रही है। कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने सधे लहजे में कहा कि विपक्ष को सदन की मर्यादा बनाए रखते हुए जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। कहा कि सदन को सकारात्मक दिशा में ले जाना सरकार का उद्देश्य है।
गौरतलब है कि, झारखंड की राजधानी रांची में इस मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी है। राज्य की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सदन में बेरोजगारी, स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, शिक्षा और विकास जैसे अहम मुद्दों पर किस हद तक गंभीर चर्चा होती है और इस बार कोई ठोस निर्णय लिए जा सकेंगे।
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