एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची के रश्मि सभागार में 14 जुन को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) झारखंड का 5वां राज्य सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व राज्य सचिव सह बीस्कोमान सदस्य, रांची जिलाध्यक्ष आदि शामिल थे।
जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष एहतेशाम परवीन ने बताया कि इस अवसर पर सर्वप्रथम सम्मेलन से पूर्व एआईएसएफ द्वारा भव्य रोड शो निकाला गया तथा देश के वीर स्वतंत्रता सेनानी अल्बर्ट एक्का को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात एआईएसएफ के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश श्रीरंगराज ने संगठन का झंडोत्तोलन किया। झंडोत्तोलन के बाद सभागार में शोक सभा आयोजित कर दिवंगत साथियों एवं देशहित में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि दी गई।
सम्मेलन का उद्घाटन एआईएसएफ के पूर्व राज्य सचिव सह बीस्कोमान सदस्य कुमार जनेंद्र भंते ने किया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने एआईएसएफ के गौरवशाली इतिहास, छात्र आंदोलन की भूमिका एवं शिक्षा, रोजगार तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संगठन द्वारा किए गए संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआईएसएफ हमेशा छात्रों, युवाओं, गरीबों, आदिवासियों, दलितों एवं वंचित तबकों की आवाज बनकर संघर्ष करता आया है।
मौके पर झारखंड एआईएसएफ प्रभारी सह राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने वर्तमान समय में शिक्षा के निजीकरण, बेरोजगारी एवं छात्र अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ छात्रों को संगठित होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया तथा वैज्ञानिक सोच, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया।
मौके पर 17 सदस्यीय राज्य परिषद का गठन किया गया,
जिसमें 6 सदस्यीय सचिव मंडल का चुनाव किया गया। प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु सिंह, प्रदेश सचिव विक्रम कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष सुदन मुर्मू, मुकेश रजक, प्रदेश सह सचिव एहतेशाम प्रवीण, अफ़ज़ल दुरानी को बनाया गया। इसके अलावा राज्य परिषद में रुपेश राज, रवि सिंह, रंजन यादव, राजू सामद, अजय कुमार महतो, आशीष बोदरा, रविंद्रनाथ माझी, जयकांत माझी, शहाबुद्दीन अंसारी, पिंटू कुमार , उत्तम उराव, जमिर अहमद आदि को शामिल किया गया।
एआईएसएफ झारखंड प्रदेश सचिव विक्रम कुमार ने बताया कि सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव दिनेश श्रीरंगराज ने नवनिर्वाचित राज्य कमेटी को बधाई देते हुए कहा कि झारखंड में एआईएसएफ का आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है और यह सम्मेलन छात्र-युवा आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आज देश में शिक्षा व्यवस्था पर लगातार हमला किया जा रहा है। सरकारी शिक्षण संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है तथा नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा का निजीकरण और व्यापारीकरण तेज किया जा रहा है। ऐसे समय में एआईएसएफ की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि छात्र केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि उसे समाज, संविधान, लोकतंत्र और देश के भविष्य के सवालों पर भी अपनी भूमिका निभानी होगी। कहा कि एआईएसएफ हमेशा से वैज्ञानिक सोच, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करता आया है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने झारखंड के छात्रों एवं युवाओं की समस्याओं जैसे बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, छात्रावासों की कमी, महंगी शिक्षा एवं विश्वविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नई राज्य कमेटी इन मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
उन्होंने सभी नवचयनित साथियों से आह्वान किया कि संगठन को गांव-गांव, कॉलेज-कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों तक मजबूत करें। अधिक से अधिक छात्रों को एआईएसएफ से जोड़ें तथा छात्र आंदोलन को जन आंदोलन का रूप दें। अंत में उन्होंने कहा कि संघर्ष और संगठन की ताकत से ही छात्र-युवाओं के अधिकारों की रक्षा संभव है और एआईएसएफ इसी दिशा में निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
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