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मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर कांग्रेसजनों का शक्ति प्रदर्शन

जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में चाईबासा में मार्च, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। मतदाता सूची की शुचिता, प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर 28 सितंबर को पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में कांग्रेसजनों ने जोरदार मार्च निकाला।

जिलाध्यक्ष सह जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु के नेतृत्व में दोपहर कांग्रेस भवन से विरोध मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुराना उपायुक्त कार्यालय पहुंचा।मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

विरोध मार्च का मार्ग कांग्रेस भवन से शुरू होकर शहीद पार्क चौक, टैगोर पार्क चौक, सदर थाना चौक, मुख्य मार्ग, पोस्ट ऑफिस चौक, घंटा घर चौक और कोर्ट मार्ग होते हुए पुराना उपायुक्त कार्यालय तक रहा। मार्च के समापन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला उपायुक्त के माध्यम से सौंपा।

ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में किए गए बदलावों की समीक्षा, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा तथा निर्वाचन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारभूत कड़ी है।

किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने, नया नाम जोड़ने अथवा किसी प्रविष्टि में संशोधन करने से पहले संबंधित को पर्याप्त सूचना, आपत्ति दर्ज कराने और अपना पक्ष रखने का प्रभावी अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की।

उन्होंने निर्वाचन आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी व्यवस्था, आंकड़ा प्रबंधन और केंद्रीकरण से जुड़ी प्रक्रियाओं के स्वतंत्र परीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से संबंधित सार्वजनिक रूप से उठाए जा रहे आरोपों एवं प्रश्नों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की।

कांग्रेस जिला प्रभारी धर्मेन्द्र सोनकर ने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और स्वायत्तता का सम्मान करती है। निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग किसी संस्था को कमजोर करने के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में आमजनों के विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग स्पष्ट है कि सार्वजनिक आरोपों की स्वतंत्र जांच हो, महत्वपूर्ण निर्णयों की समीक्षा की जाए, विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की समीक्षा हो, निर्वाचन आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी व्यवस्था का स्वतंत्र परीक्षण कराया जाए तथा प्रत्येक मतदाता को प्रभावी सूचना, आपत्ति और सुनवाई का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का विश्वास सर्वोपरि है और निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता, पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही से ही मजबूत होती है।

विरोध मार्च में पूर्व विधायक देवेन्द्र नाथ चाम्पिया, प्रदेश सचिव मायाधर बेहरा, चंद्रशेखर दास, रईस रिजवी छब्बन, राम सिंह सवैयां, सयुंक्त सचिव नितिमा बारी, अमित राय, जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, ओबीसी प्रकोष्ठ अध्यक्ष रंजीत यादव, कामगार जिलाध्यक्ष हसलुद्दीन खान, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा, आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव अविनाश कोड़ाह, यूथ इंटक जिलाध्यक्ष सुरेश सवैयां, सेवादल मुख्य संगठक लक्ष्मण हांसदा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीश गोप, वरीय कांग्रेसी कैरा बिरुवा, इम्तियाज खान, बालेमा कोई, नूतन सिंकु, आदि।

विपिन सिंकु, सूरज चाम्पिया, दानिश हुसैन, विजय तिग्गा, लियोनर्ड बोदरा, सुशील हेस्सा, प्रतिक कुमार, सन्नी रॉबर्ट अन्थोनी, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सवैयां, ललित दोराईबुरु, मंजीत प्रधान, सोनराम कोड़ाह, विजय सिंह सामद, सिकुर गोप, चन्द्र भूषण बिरुवा, सकारी दोंगो, सुखलाल हेंब्रम, सुरेश चन्द्र सवैयां, सीताराम गोप, मंडल अध्यक्ष सोमा पुरती, विनीत लागुरी, मकर ध्वज सरदार, दिनेश प्रधान, मथुरा लागुरी, रंजीत कोंगाडी, गोरा सिंह पुरती, रघुनाथ मुंडा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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