राधा-कृष्ण मंदिर के तत्वावधान में बाबा हरिहरनाथ सत्संग भवन में श्रीमद्भागवत कथा
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के तत्वावधान में बाबा हरिहरनाथ मंदिर के सत्संग भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन 11 सितंबर को बाल-लीला और गोवर्धन लीला से झूमे श्रद्धालुगण।
इस अवसर पर कथावाचक भागवत रत्न आचार्य श्रीसुमंत कृष्ण शास्त्री महाराज उर्फ कन्हैयाजी ने उपस्थित हरिभक्तों को परमानंद की अनुभूति कराई।
ब्रज मंडल के सजीव प्रसंगों का अमृतपान कुछ ऐसा था, मानो कथा पंडाल स्वयं नंदगांव और गोकुल में परिवर्तित हो गया हो, जहां बाल गोपाल की पावन पगध्वनि से धरा पवित्र हो रही हो। कथा वाचन के पंचम दिवस के सत्र का शुभारंभ प्रभु श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं के मनोहारी स्मरण से किया गया। कन्हैयाजी महाराज ने बड़े ही प्रेम भाव से वर्णन किया कि कैसे अखिल ब्रह्मांड के नायक सच्चिदानंद भगवान श्रीहरि, मैया यशोदा की गोद में मचलते हैं। माखन-चोरी लीला का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि कन्हैया किस प्रकार ग्वाल-बालों संग ब्रजवासियों के घरों में आनंद की वर्षा करते थे।
जब मैया यशोदा उन्हें उखल से बांधने का प्रयास करती है, तो उनकी प्रेम-भरी आँखें देख भक्तों के नेत्र भी सजल हो उठे।
मटकी-फोड़ लीला के प्रसंग पर पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा और मनोहारी झांकी ने सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गौ-चारण लीला का वर्णन करते हुए कन्हैयाजी महाराज ने कहा कि जो भगवान वेदों के लिए भी दुर्लभ हैं, वही ग्वाल-बालों के संग नंगे पांव गोवर्धन की तराई में गैया चराने जाते हैं। यह दृश्य जीव को सिखाता है कि भगवान की सेवा और समर्पण में ही परम सुख है। इसके पश्चात गिरिराज गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग का प्रसंग अत्यंत जीवंत हो उठा।
आचार्यजी ने बताया कि कैसे अहंकार में चूर देवराज इंद्र के कोप से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत को धारण किया था। यह कथा प्रेरणा देती है कि जब हम प्रकृति और अपने इष्ट की शरण में जाते हैं, तो बड़े से बड़ा संकट भी तिनके समान उड़ जाता है।

इस पावन अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में पुरुषोत्तम कौशिक, प्रह्लाद सिंह और लक्ष्मणजी ने सपत्नीक व्यास पीठ का पूजन कर भागवत महापुराण की आरती उतारी। इस धर्ममय अवसर पर सतीश द्विवेदी, बैद्यनाथ सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह बबलू, संजय सिंह, अमित कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, नरेश सिंह और धनंजय सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के गणमान्य रहिवासी एवं दूर-दराज से आए हरिभक्त उपस्थित रहे। महाप्रसाद वितरण के साथ कथा के पंचम दिवस के कथा विश्राम की घोषणा की गयी।
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