अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। लगातार बारिश और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सारण जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिला पदाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में 26 सितंबर को आपदा प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों और तटबंधों की सुरक्षा की समीक्षा की गई।
जानकारी के अनुसार डीएम की समीक्षा बैठक में जिला के हद में पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर, परसा, दरियापुर और सोनपुर सहित गंडक के तटवर्ती सभी प्रखंडों के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो रही है और वाल्मीकिनगर बैराज पर जलस्तर बढ़ रहा है, जिसका असर अगले 24 से 36 घंटों में सारण जिला के तटवर्ती क्षेत्र में दिख सकता है।
बैठक में डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और सूचना तंत्र को सक्रिय रखने का सख्त निर्देश दिया है। कहा गया कि तटवर्ती प्रखंडों और पंचायतों में 24 घंटे सतत निगरानी की जाएगी। नदी किनारे बसे गांवों में माइकिंग के जरिए रहिवासियों को सतर्क किया जाएगा, साथ ही अफवाहों से बचने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रशासन की तैयारियों की जानकारी साझा की जाएगी।
इसे लेकर जल भराव की स्थिति में प्रभावित रहिवासियों के सुरक्षित निष्क्रमण के लिए पूर्व योजना तैयार रखने, चिन्हित स्कूलों व सुरक्षित भवनों में आश्रय स्थल और कम्युनिटी किचन चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। विकास मित्र, आवास सहायक और चौकीदारों को 24 घंटे तैनात रहने को कहा गया है। कहा गया कि सभी तटबंधों पर लगातार नजर रखी जाएगी। कहीं भी सीपेज, रिसाव या कटाव दिखने पर तुरंत जल संसाधन विभाग को सूचना देने को कहा गया है।
बैठक के दौरान एसडीओ मढ़ौरा और एसडीओ सोनपुर स्निग्धा नेहा से फील्ड की स्थिति की जानकारी ली गई। वहीं मकेर क्षेत्र में पूर्व में 8-10 परिवारों को जिन घरों से सुरक्षित निकाला गया था, वहां के वर्तमान जलस्तर की रिपोर्ट लेने का निर्देश सदर डीसीएलआर को दिया गया। मगरपाल चरकी में सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर कार्यपालक अभियंता को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
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