एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल, करियर अवसरों और रोजगार की दुनिया से जोड़ने की दिशा में बीते 25 सितंबर को एक राज्य स्तरीय परामर्श का आयोजन किया गया।
जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) रांची और आईपीई ग्लोबल द्वारा आयोजित इस परामर्श में सरकार, शिक्षा जगत, विकास क्षेत्र, आजीविका मिशन, उद्योग एवं सीएसआर क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में स्कूली व्यावसायिक शिक्षा को अधिक प्रभावी, प्रासंगिक और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों के अनुभवों और सुझावों को एक साझा मंच पर लाना था।
कार्यक्रम में राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) शशि रंजन ने राज्य में सरकारी विद्यालयों के छात्रों को अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल और करियर अवसरों से जोड़ने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेषज्ञों और उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बहु-हितधारक संवाद व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने और इसके लिए एक स्पष्ट रोडमैप विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
परामर्श के दौरान आयोजित दो पैनल चर्चाओं में शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका, उद्योग और विकास क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पैनल में एक्सआईएसएस के प्रो. अनंत कुमार तथा कैटालीस्ट फॉर चेंज, प्रेजा फाउंडेशन, अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, झारखंड स्टेट लाइवलिहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस), टाटा स्टील फाउंडेशन, टाटा स्ट्राइव, फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) और मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (एमएसएमई) के प्रतिनिधिगण शामिल रहे।
जानकारी देते हुए सीसीएल मुख्यालय रांची के जनसंपर्क विभाग के सहायक प्रबंधक बी. के. यादव ने 27 सितंबर को बताया कि चर्चाओं में विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को विद्यार्थियों की करियर आकांक्षाओं, व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक सीखने, उद्योग से परिचय, कार्यस्थल की तैयारी तथा आगे की शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विचार-विमर्श किया गया।
करियर जागरूकता, एक्सपीरियंटयल लर्निंग, स्कूल–इंडस्ट्री लिंकजेज, इंडस्ट्री एक्सपोज़र, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी), अपरेंटिसशिप और इंटर्नशिप जैसे विषय चर्चा के प्रमुख केंद्र रहे। उद्योग एवं सीएसआर प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को उद्योगों के इंफ्रास्ट्रक्चर, लेबोरेटरीज और वर्कप्लेसेस से परिचित कराने, कैरियर अवेयरनेसेज बढ़ाने तथा वर्क-रीडिनेस और एम्प्लोयीबिलिटी स्किल्स विकसित करने में संभावित सहयोग के अवसरों पर सुझाव साझा किए।

स्पष्ट करियर एवं प्रोग्रेशन पथवेज की आवश्यकता पैनल चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि व्यावसायिक शिक्षा को केवल एक अतिरिक्त विषय तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को कार्यस्थल की वास्तविकताओं से परिचित कराने, उनकी आकांक्षाओं को आकार देने और भविष्य के करियर विकल्पों को समझने के माध्यम के रूप में विकसित किया जाए। इस दिशा में स्कूलों, उद्योगों, सीएसआर संगठनों, उच्च शिक्षण संस्थानों तथा कौशल एवं आजीविका क्षेत्र के बीच निरंतर साझेदारी को महत्वपूर्ण माना गया। विद्यार्थियों के लिए स्कूल स्तर से आगे की शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार तक स्पष्ट प्रोग्रेशन पथवेज विकसित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी भी महत्वपूर्ण
समापन सत्र में डॉ श्रीयमोयी भट्टाचार्य, नेशनल लीड– वोकेशनल एजुकेशन, आईपीई ग्लोबल ने व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए अभिभावकों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी, विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट प्रोग्रेशन पथवेज तथा उद्योगों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जेईपीसी के साथ मिलकर इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की तथा राज्य सरकार, एक्सआईएसएस, उद्योग साझेदारों और सभी प्रतिभागियों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन प्रोग्राम हेड, रूरल मैनेजमेंट एक्सआईएसएस प्रो. अनंत कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
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