राधा कृष्ण मंदिर पुन्दाग में चौथे दिन भी जारी रहा भागवत कथा
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड की राजधानी रांची के पुन्दाग स्थित राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित भागवत कथा चौथे दिन 23 सितंबर भी जारी रहा। मौके पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालूजन उपस्थित होकर भागवत कथा का श्रवण किया।
कथा श्रवण के क्रम में साध्वी गोपीका ने प्रवचन मे श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन मुख्य रूप से भगवान वामन अवतार, राजा बलि की कथा और भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मनमोहक प्रसंग सुनाया। कथा के मुख्य प्रसंगवामन अवतार और राजा बलि: कथा के इस भाग में भगवान विष्णु के वामन रूप धारण करने और राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने की कथा सुनाई। कहा कि भगवान वामन दो पग में ही तीनों लोक नाप लेते हैं और राजा बलि को पाताल लोक का स्वामी बनाते हैं।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के चौथे दिन की कथा का सबसे बड़ा आकर्षण श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग था। कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने और धर्म की स्थापना के लिए भगवान श्रीकृष्ण का देवकी के गर्भ से जन्म और नंद बाबा के यहाँ उत्सव (नंदोत्सव) का वर्णन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप, पूतना वध और अन्य प्रारंभिक बाल लीलाओं का सुंदर चित्रण किया गया।
साध्वी गोपिका के अनुसार जब-जब भी धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुईं, परमात्मा ने धर्म की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि जो अपने तन, मन, धन से ईश्वर की सेवा भक्ति करे, वहीं आज के समय में धनवान है। परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम से ही संभव है। इस अवसर पर नृत्य गीत की प्रस्तुति असम से आई मीरा भट्टराई द्वारा प्रस्तुत की गई। लगभग दो दर्जन भक्ति गीतों की प्रस्तुति से भक्त तालियाँ बजा- बजा कर नाचते, गाते एवं जयकारे लगाते रहे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।
राधे कृष्ण मंदिर के पुजारी अरविन्द कुमार एवं भगवान श्रीकृष्ण भक्त राजू अग्रवाल के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भगवत कथा के माध्यम से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। भगवान श्रीकृष्ण भक्त सह मंदिर के उपाध्यक्ष राजू अग्रवाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की महिमा असीम, अनंत और प्रेम, ज्ञान तथा कर्म का अद्भुत संगम है।
कृष्ण मंदिर के पुजारी अरविन्द कुमार ने बताया कि श्रीकृष्ण केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक है।
मौके पर राधा कृष्ण मंदिर के वरीय सदस्यों मे अध्यक्ष डंगुरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जलान, राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज कुमार चौधरी, अरविन्द कुमार अग्रवाल, अंजनी अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश भगत, पवन पोद्दार, कोषाध्यक्ष सज्जन पाडिया के अतिरिक्त खास जनों में नन्द किशोर चौधरी, सुरेश चौधरी, पवन अग्रवाल, पुरणमल सराथ, ज्ञान प्रकाश शर्मा, विष्णु सोनी, विद्या देवी अग्रवाल, विमला जलान, संतोष देवी अग्रवाल, शोभा जलान, सरिता अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, शकुंतला केजरीवाल, रामा डोगानिया, ललिता अग्रवाल, उषा मोदी, नन्द राणी पाठक, रेखा पोद्दार, शीला मुरारका, रिंकू जलान, आशा सिंह, आशा मिश्रा, परमिला पुरोहित, सुनीता देवी, कविता गाडोदिया, उर्मिला पाड़िया व अन्य कई शामिल दिखे। मौके पर प्रसाद रूप खिचड़ी भोग एवं मिष्ठान भोग श्रद्धालुओं को प्रदान की गई। बताया जाता है कि पुंदाग स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर झारखंड राज्य मे सबसे बड़ा तथा पूरे भारत में तीसरे स्थान का लोकप्रिय मंदिर है। मंदिर में कांच (मिरर) की अद्भुत कारीगरी विशेष आकर्षण का केन्द्र है।
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