एस. पी. सक्सेना/बोकारो। केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल में 28 सितंबर को तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी का प्रयोग विषय पर राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यशाला में विद्यालय के प्राचार्य डॉ बी.आर. डे एवं समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन संसाधक दिव्या सरोज (प्र.स्ना.शि., हिंदी) द्वारा किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना तथा दैनिक कार्यालयी एवं शैक्षणिक कार्यों में हिंदी के व्यावहारिक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यशाला के दौरान संसाधक दिव्या सरोज ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक क्षेत्रों में हिंदी के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिंदी का प्रयोग केवल सामान्य बोलचाल एवं साहित्य तक ही सीमित नहीं है।
बल्कि विज्ञान, चिकित्सा, अभियांत्रिकी, सूचना प्रौद्योगिकी तथा अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भी प्रभावी रूप से किया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न तकनीकी एवं वैज्ञानिक शब्दों के हिंदी पर्यायों से परिचित कराते हुए उनके व्यावहारिक प्रयोग की जानकारी दी। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ बी. आर. डे ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी को केवल बोलचाल की भाषा तक सीमित न रखकर शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्रों में भी अधिकाधिक प्रयोग में लाना चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों को अपने दैनिक शैक्षणिक एवं कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने इस प्रकार की कार्यशालाओं को हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा उसके व्यावहारिक प्रयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। कार्यशाला के अंत में इसी विषय से संबंधित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में प्राचार्य सहित विद्यालय के सभी शिक्षकगण ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
अंत में यह निष्कर्ष निकला कि हिंदी को केवल संवाद की भाषा तक सीमित न रखकर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक एवं अनुसंधान के क्षेत्र में भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस प्रकार की कार्यशालाएँ राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा उसके व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
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