रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड कार्यालय प्रमुख सभागार में बीते 23 सितंबर को प्रखंड स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख नियोति डे ने की।
जानकारी के अनुसार उक्त बैठक में सर्वसम्मति से प्रखंड प्रमुख नियोति डे को समिति का अध्यक्ष चुना गया। समिति में बीडीओ नम्रता जोशी, विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद शेर आलम, पंसस रवि कुमार, प्रिया देवी, मंजू देवी, ललिता देवी और पूनम मरांडी समेत अन्य सदस्यों को शामिल किया गया। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत संस्था सहयोगिनी एवं सीनी के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष सह प्रखंड प्रमुख नियोति डे ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं की रोकथाम और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समिति को प्रभावी ढंग से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा और अपने बुनियादी अधिकारों से वंचित न रहे।
बीडीओ नम्रता जोशी ने कहा कि बाल संरक्षण केवल सरकारी तंत्र की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए समय पर उचित कदम उठाना जरूरी है। कहा कि समिति के माध्यम से बाल संरक्षण की गतिविधियों को पंचायत स्तर तक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद शेर आलम ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित और बेहतर भविष्य समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल विवाह, बाल श्रम और बच्चों के अधिकारों से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा और उनके अधिकारों से जोड़ने के लिए समिति को हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा तथा जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रभारी पंचायती राज पदाधिकारी धरणीधर सिंह ने कहा कि पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की पहचान और समाधान में मदद मिलेगी।
बाल संरक्षण समिति बोकारो के अजीत राणा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए विभागों और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। बैठक में कुमारी किरण, राजकिशोर, सूर्यमणि देवी और सपन सिंह समेत अन्य प्रतिनिधियों ने भी बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, उनके अधिकारों की रक्षा तथा जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के अंत में बच्चों के हित में सभी संबंधित विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर साझा कार्ययोजना तैयार करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया गया। मौके पर उपरोक्त के अलावा विभिन्न पंचायतों के पंचायत समिति सदस्य और प्रखंड स्तर के कई अधिकारीगण मौजूद थे।
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