प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट स्थित व्यवहार न्यायालय में जिला जज प्रथम फहीम किरमानी के नेतृत्व में 28 सितंबर को शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा अधिवक्ता विवेकानंद के आकस्मिक निधन को लेकर आयोजित किया गया था।
शोक सभा को संबोधित करते हुए जिला जज प्रथम किरमानी ने बताया कि तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता विवेकानंद का आकस्मिक निधन बीते 26 सितंबर को हो गया। वे 16 जुलाई 1996 से तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। वे सिविल और क्रिमिनल के अच्छे जानकार अधिवक्ता थे और स्वभाव से बहुत ही मिलनसार थे। वे अपने पीछे पत्नी मंजू मिश्रा जो मध्य विद्यालय पाथुरिया में पारा शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं, दो अविवाहित पुत्री एवं एक पुत्र को छोड़ गए हैं।

इस अवसर पर दिवंगत अधिवक्ता की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर भगवान से प्रार्थना की गई।
इससे पूर्व तेनुघाट अधिवक्ता संघ भवन में संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा की अध्यक्षता में शोक सभा का आयोजन किया गया। मंच संचालन अधिवक्ता संघ के महासचिव वकील प्रसाद महतो ने किया। उन्होंने बताया कि दिवंगत अधिवक्ता विवेकानंद का जन्म 9 जुलाई 1965 को हुआ था। उनके निधन से पूरा अधिवक्ता संघ मर्माहत है।
इस अवसर पर जिला जज द्वितीय सूर्यमणि त्रिपाठी, जिला जज तृतीय नीरज कुमार, एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति, एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल, मुंसिफ शिवराज मिश्रा, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राजकुमार पांडेय एवं दिग्विजय नाथ शुक्ला, अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष वेंकट हरि विश्वनाथन, संयुक्त सचिव शंकर ठाकुर, राकेश कुमार, कोषाध्यक्ष आनंद श्रीवास्तव सहित संघ के दर्जनों अधिवक्तागण मौजूद थे।
![]()













Leave a Reply