कार्यालय संवाददाता/मुंबई। देवी देवताओं कि पावन धरती महाराष्ट्र में मौजूदा समय में गणेशोत्सव को लेकर धूम मची है। इस दौरान राज्य का सबसे पहला व मुंबई का विख्यात चल चित्र गणपति कि चर्चा होना स्वभाविक है। दर असल 1973 के दशक में शहर मुंबई में भारत कि सबसे पहली सायकल कंपनी, हिन्द सायकल प्रा. लिमिटेड का विस्तार हो रहा था।
उन्हीं दिनों घनश्याम दस बिरला व आदित्य बिरला ने अपने सभी कामगारों के साथ मिल कर 31 अगस्त 1973 के दशक में हिन्द सायकल गणेशोत्सव समिति का गठन कर देश कि पहली चल चित्र गणपति कि स्थापना वरली में स्थित एस के अहिरे मार्ग पर कि, लेकिन विभिन्न कारणों से इस समिति को रोकना पड़ा। इस दौरान गणपति बप्पा के श्रद्धालुओं का काफिला अपने आराध्य देव कि पूजा अर्चना व अन्य प्राचीन परंपराओं से दूर होते जा रहे थे। इस कड़ी में दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय जनमानस और श्रद्धालुओं को भटकता देख स्व. पुष्पा विद्याधर शर्मा ने बड़ा दिल दिखाते हुए, आस्थावानों, दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए फिर से चल चित्र गणपति बप्पा कि स्थापना अपने खर्च पर कराई। जो सिलसिला अब भी बदस्तूर जारी है। चूंकि यह महापर्व सामाजिक जीवन का आधार है, इसके जरिए समाज में सांस्कृतिक और धार्मिक आचार-व्यवहार तय होते हैं।
घनश्याम दस बिरला व आदित्य बिरला के बाद स्व. पुष्पा विधाधर शर्मा के सहयोग से 2012 से चल रहे मुंबई का एकलौता चल चित्र गणेशोत्सव सुर्ख़ियों में है। वरली के अहिरे मार्ग पर स्थापित हिन्द सायकल गणेशोत्सव समिति के कई खास नियम हैं। समिति द्वारा पौराणिक परंपराओं व विधिवत तरीके से ही समय पर आरती व अन्य विधियों को प्राथमिकता देती है। इस समिति में डी जे, पटाखे, गुलाल आदि का प्रचालन नहीं है। यहां भक्ति, श्रद्धा सुमन और प्राचीन परंपराओं का निर्वहन किया जाता है। यही कारण है कि दशकों बाद भी समिति का चल चित्र गणेशोत्सव न केवल मुंबई में बल्कि पूरे राज्य में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
कुल 21 दिनों तक चलने वाले चल चित्र गणेशोत्सव में महिला मंडलों के अलावा विभिन्न संस्थाएं खुद ब खुद जुड़ते जा रहीं हैं। चूंकि आस्था के प्रतिक आराध्यदेव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं कि मनोकामनाएं पूरी होती है। इस बार के गणेशोत्सव वरली पुलिस, स्थानीय शिवसेना के नगरसेवक निशिकांत शिंदे और जीतेन्द्र कांबले का विशेष योगदान रहा, यह जानकारी संस्थापक अध्यक्ष संगठन विद्याधर शर्मा ने डी। इस समिति के प्रमुख मार्गदर्शक नितीन नागावकर, सलाहकार मोहन म्हामुणकर हैं। समिति से जुड़े सदस्यों में कृष्णा पाटील, विनय त्रिपाठी, मनिष तिवारी, विनोद रॅाय, वेलु कुंदर, इंद्रभान सिंग, राहुल कांबले, महिला समिती रेणुका गौतम, मिना जैन, थंगम नायडू, उल्का देवेन्द्र कुलकर्णी, पुजा संगठन शर्मा, राणी देवी केशरवाणी, सुवर्णा सर्वादया, यामिनी आदि प्रमुख लोगों में हैं।
Tegs:#Making headlines: Worli’s cinematic-themed Ganeshotsav—Bappa’s idol is the top choice among devotees.
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