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रेल कर्मियों का बोनस ध्यानाकर्षण, सातवें वेतन आयोग के आधार पर बोनस की मांग

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। पूर्व मध्य रेलवे के हद में सोनपुर रेल मंडल में 23 सितंबर को ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लॉईज यूनियन द्वारा बोनस बढ़ोतरी को लेकर ध्यानाकर्षण दिवस मनाया गया। इंडियन रेलवे इम्प्लॉईज फेडरेशन के आह्वान पर पूरे पूर्व मध्य रेल जोन में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार सोनपुर रेल मंडल शाखा एक एवं दो के मंडल उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में सोनपुर जंक्शन के संयुक्त क्रू लॉबी के सामने रेल कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस अवसर पर यूनियन पदाधिकारियों ने रेलवे के सभी विभागों में जाकर कर्मचारियों को कम बोनस के विरोध में एकजुट होने का आह्वान किया। इस दौरान केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

मंडल संयुक्त मंत्री अजय कुमार साह ने कहा कि यूनियन लगातार नई लेबर कोड की वापसी, निजीकरण समाप्त करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रही है। कॉमरेड संदीप पासवान ने कहा कि बोनस का भुगतान सातवें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन के आधार पर किया जाए और पहले दिए गए कम बोनस के बकाया एरियर का भी भुगतान किया जाए। कॉ रवि रंजन कुमार ने कहा कि पेंशन, वेतन, भत्ता, बोनस और ड्यूटी रोस्टर मांगने की चीज नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है।

सरकार ने पहले एनपीएस और अब यूपीएस लागू कर दिया है, जबकि सभी के लिए एक ही पुरानी पेंशन योजना लागू होनी चाहिए। कार्यक्रम में शमशेर आलम, मिथिलेश कुमार, एस. आर. एन. गर्ग, रंजीत कुमार, बबलू कुमार, रघुनाथ चौधरी, सुभाष कुमार, सरवन कुमार, रानू कुमार और राजीव कुमार राज सहित बड़ी संख्या में रेलकर्मी उपस्थित थे।

यूनियन की मुख्य मांगों में चारों लेबर कोड को रद्द करने, एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर ओपीएस लागू करने, रेलवे में हर साल दो प्रतिशत पद समाप्त करने के आदेश पर रोक लगाने, सभी खाली पदों पर भर्ती और पदोन्नति देने, आउटसोर्सिंग बंद करने, आठवें वेतन आयोग में पति-पत्नी, दो बच्चे और बूढ़े माता-पिता कुल छह पारिवारिक सदस्यों को आधार मानकर वेतन तय करने, फिटमेंट फैक्टर साढ़े तीन गुना करने, वित्तीय वर्ष 2025-26 के पीएलबी बोनस का भुगतान सातवें वेतन आयोग के आधार पर करने, चौदह बटा दो काला कानून और पचपन बटा तीस सर्विस रिव्यू पर रोक लगाने, सभी विभागों में आठ घंटे का ड्यूटी रोस्टर लागू करने, सभी भत्तों का समय पर भुगतान, सुरक्षा जूता, जैकेट, रेनकोट, पानी की बोतल समय से देने, एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक के अठारह महीने के महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान करने, लार्सजेस योजना फिर से लागू करने, सभी रेल कर्मचारियों का एक करोड़ रुपये का बीमा और यूएमआईडी कार्ड पर कैशलेस इलाज आदि शामिल है।

 

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