विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में गोमिया के पूर्व विधायक, संयुक्त बिहार व् झारखंड के पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह के निधन पर बिहार विधानसभा में शोकसभा आयोजित किया गया। इस सूचना के बाद क्षेत्र की जनता एक बार फिर भावुक हो गये।
गोमिया विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय नेता एवं बिहार/झारखंड के पूर्व मंत्री दिवंगत माधव लाल सिंह के निधन के बाद बिहार विधानसभा में उनके लिए शोकसभा का आयोजन किया गया। इससे संबंधित आधिकारिक चिट्ठी बीते 28 सितंबर को दिवंगत माधव लाल के परिजनो को प्राप्त हुई, जिसके बाद पूरे गोमिया क्षेत्र में एक बार फिर उन्हें याद कर आमजन भावुक हो गए।
बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से भेजी गई इस शोक-संदेश की चिट्ठी में स्व. माधव लाल सिंह के राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान को याद किया गया है। विधानसभा में आयोजित शोकसभा के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
खास यह कि, दिवंगत माधव बाबू आज हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए विकास कार्य और जनसेवा की छाप आज भी गोमिया की धरती पर जीवित है। उनके निधन के बाद भी बिहार विधानसभा जैसे गरिमामयी सदन में उन्हें याद किया जाना और सम्मान दिया जाना, यह दर्शाता है कि उन्होंने न सिर्फ झारखंड बल्कि संयुक्त बिहार के समय में भी कितनी ईमानदारी और निष्ठा से जनता की सेवा की थी।
वे मरणोपरांत भी गोमिया क्षेत्र को गौरवान्वित करते रहे हैं। गोमिया को विधानसभा के रूप में पहचान दिलाने से लेकर शिक्षा, सड़क और किसानों के हक की लड़ाई तक, उनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। बिहार विधानसभा की शोक संदेश (चिट्ठी) मिलने की सूचना के बाद गोमिया क्षेत्र के रहिवासियों, उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने स्वर्गीय माधव बाबू को नमन किया। उपस्थित जनों ने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और उनका आशीर्वाद हम सभी के साथ-साथ पूरे क्षेत्र वासियों के ऊपर हमेशा बना रहे, यही प्रार्थना है। स्व. माधव लाल सिंह का जीवन चरित्र आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
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