अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। पूरे बिहार के आवास सहायक, आवास पर्यवेक्षक, पंचायत लेखापाल एवं कार्यपालक सहायक जैसे संविदा कर्मियों में पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण सरकार के प्रति नाराजगी है।
लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर आवास कर्मियों ने विरोध जताने का निर्णय लिया है। इसके तहत 3 नवंबर को सारण जिला के हद में सोनपुर प्रखंड के उपरोक्त संविदा कर्मियों ने काली पट्टी लगाकर कार्य का निष्पादन किया।
जिला के हद में सोनपुर प्रखंड के आवास सहायक शैलेश कुमार, अजय प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार, अमर सिंह, जगजीवन राम, अविनाश कुमार, पंकज कुमार, मेराज आलम, रवि रंजन, जितेंद्र राय, रत्नाकर कुमार, राजीव मिश्रा, अमलेश कुमार, कार्यपालक सहायक पिंटू कुमार, आवास पर्यवेक्षक राकेश कुमार सहित अन्य कर्मियों ने कहा कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बावजूद इसके समय पर उनका मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे उनके सामने आर्थिक परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं।
कर्मियों ने बताया कि दीपावली एवं छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के अवसर पर भी मानदेय नहीं मिलने से बच्चों के पठन-पाठन, घरेलू खर्च और दैनिक दिनचर्या में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करने तथा भविष्य में नियमित रूप से मानदेय उपलब्ध कराने की मांग की है। कर्मियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक वे काली पट्टी लगाकर विरोध दर्ज कराते हुए कार्य करते रहेंगे।

इस अवसर पर आवास सहायक शैलेश कुमार सहित अन्य कर्मियों ने कहा कि वे आवास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। लाभुकों का सर्वेक्षण, आवास निर्माण की प्रगति की निगरानी, अभिलेखों का संधारण तथा योजनाओं से संबंधित अन्य कार्य नियमित रूप से किए जा रहे हैं। इसके बावजूद पिछले पांच महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। कहा कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण सभी कर्मी परेशान हैं। सरकार और विभाग को चाहिए कि यथाशीघ्र लंबित मानदेय का भुगतान करे, ताकि आर्थिक परेशानी से निजात मिल सके।
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