रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। विश्व फार्मेसी दिवस के अवसर पर धनबाद जिला के हद में तोपचांची स्थित कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में 26 सितंबर को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
आयोजित विशेष कार्यक्रम में अतिथि लोकेश कुमार का संस्थान परिवार की ओर से गर्मजोशी एवं आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के प्राचार्य डॉ दीपक कुमार, चेयरमैन डॉ विकास पांडेय, निदेशक राजू उपाध्याय सहित शिक्षक-शिक्षिका एवं सभी फैकल्टी सदस्यगण मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकेश कुमार ने कहा कि फार्मेसी शिक्षा आज स्वास्थ्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों से भी परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थी भविष्य में स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाएंगे, इसलिए उनके ज्ञान और कौशल के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व एवं नैतिक दृष्टिकोण का विकास भी आवश्यक है।
उन्होंने कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की शैक्षणिक गतिविधियों और शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान का सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि बी.फार्मा एवं डी.फार्मा के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
लोकेश ने कहा कि विश्व फार्मेसी दिवस के अवसर पर कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी पहुंचना और यहां के समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों से संवाद करना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि संस्थान के प्राचार्य डॉ दीपक कुमार, चेयरमैन डॉ विकास पांडेय, निदेशक राजू उपाध्याय एवं सभी फैकल्टी सदस्यों ने जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ उनका स्वागत किया, उसके लिए वे हृदय से आभारी हैं। कहा कि यह स्वागत और सम्मान सदैव स्मरणीय रहेगा। यहां का सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों का समर्पण वास्तव में प्रभावित करने वाला है।
उन्होंने कहा कि फार्मेसी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव के अनुरूप विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता से लैस करना जरूरी है। उन्होंने संस्थान के प्रबंधन एवं शिक्षकों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर निरंतर ध्यान देने की अपील की। संस्थान के प्राचार्य डॉ दीपक ने विश्व फार्मेसी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोकेश कुमार की उपस्थिति एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को फार्मेसी के क्षेत्र में नई संभावनाओं और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करते है। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उन्हें एक जिम्मेदार एवं कुशल फार्मेसी प्रोफेशनल बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। चेयरमैन डॉ विकास पांडेय ने कहा कि फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करना संस्थान की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को आधुनिक फार्मेसी शिक्षा के साथ प्रयोगशाला एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण का बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सके। उन्होंने विश्व फार्मेसी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं स्वास्थ्य सेवा के हित में करने का संदेश दिया।
संस्थान के निदेशक राजू उपाध्याय ने कहा कि कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि फार्मेसी का क्षेत्र सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए इस क्षेत्र में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के अंदर जिम्मेदारी और सेवा भावना का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ उनके व्यावहारिक एवं पेशेवर कौशल को विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं फैकल्टी सदस्यों ने विश्व फार्मेसी दिवस की शुभकामना देते हुए फार्मेसी के क्षेत्र में विद्यार्थियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कहा कि बदलती स्वास्थ्य व्यवस्था में प्रशिक्षित और जिम्मेदार फार्मेसी प्रोफेशनल की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। विद्यार्थियों को अपने अध्ययन के साथ मरीजों एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए।
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