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समावेशी शिक्षा पर चिन्मय विद्यालय में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला सम्पन्न

प्रशिक्षण में 60 शिक्षकों ने लिया भाग, विशेषज्ञों ने दी उपयोगी जानकारी

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो के चिन्मय विद्यालय में समावेशी शिक्षा (इंक्लूसिव एजुकेशन) के तहत दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के विभिन्न वर्गों के 60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

जानकारी के अनुसार इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को समावेशी शिक्षा की अवधारणाओं, रणनीतियों एवं विधियों से परिचित कराना था, ताकि वे विभिन्न क्षमताओं वाले विद्यार्थियों को सहयोगात्मक एवं समावेशी वातावरण में बेहतर शिक्षा दे सकें। उक्त कार्यशाला में अनिल कुमार मोदी और ग्लोरिया अलफांस जैसे विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन उपस्थित रहे।

उन्होंने यूनिवर्सल डिजाइन फॉर लर्निंग (युडीएल) की संकल्पना पर विस्तार से चर्चा की तथा एनआईईपीआईडी, एनआईएमएचएएनएस, आरसीआई जैसे संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। समूह गतिविधियों, केस स्टडी और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को समावेशी कक्षाओं की चुनौतियों और समाधान से अवगत कराया गया।
जानकारी देते हुए चिन्मय विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा ने 19 जुलाई को बताया कि यह कार्यशाला शिक्षकों की संवेदनशीलता व समझ को समृद्ध करती है। उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा आज की आवश्यकता है।

उक्त कार्यशाला का संचालन सुप्रिया चौधरी तथा धन्यवाद ज्ञापन रश्मि शुक्ला ने किया, जबकि कार्यशाला को सफल बनाने में संजीव सिंह, पंचानंद शर्मा, रणधीर नारायण, रजनीश चौधरी, रण विजय ओझा, अंजनी एवं स्मृति वोहरा की सराहनीय भूमिका रही।

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