एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। विद्युत पोल है लेकिन बिजली नहीं। इंसान है लेकिन सुविधा नहीं। यह पहचान बन गया है चंदवा प्रखंड के हद में माल्हन पंचायत के बहेरा टोला का।
जानकारी के अनुसार लातेहार जिला के हद में चंदवा प्रखंड के माल्हन पंचायत के बहेरा टोला लोहरसी के ग्रामीण पिछले 2 वर्षों से अंधेरे में रहने को विवश है। ग्रामीणों का दर्द और विवशता को सुनने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में यहां के ग्रामीण रहिवासियों ने बताया कि ऐसा लगता है कि झारखंड में सरकार और नियम कानून का कोई महत्व नहीं रह गया है।
ग्रामीणों के बातो की पुष्टि करते हुए मल्हन पंचायत के मुखिया जतरू मुंडा ने बताया कि पिछले 2 साल से ट्रांसफार्मर के लिए ग्रामीण विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ जिले के वरीय पदाधिकारियों के पास भटक रहे हैं। बावजूद इसके उनका प्रयास अभी तक सफल नहीं हो पाया है।
पंचायत के मुखिया मुंडा ने बताया कि विद्युत विभाग के साथ-साथ उप विकास आयुक्त लातेहार को भी आवेदन दिया गया, पर इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में भी आवेदन दिया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार यहां बिजली नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ खेती में भी परेशानी होती है। गांव में पीने के पानी की भी समस्या है। सड़के नहीं है। ग्रामीणों का दर्द यह बयां करता है कि, सरकार की महत्वकांक्षी प्रयास आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम कितना सफल और कारगर है।
यह कार्यक्रम भी सिर्फ अन्य कार्यक्रमों की तरह दिखावा मात्र बनकर रह गया है। कार्यक्रम से आम जनता को कोई भी फायदा होता नहीं दिख रहा है। यह केवल सरकारी राशि का बंदरबांट मात्र और जनता के लिए आई वाश। उक्त पंचायत के मुखिया जतरू मुंडा ने मीडिया को बताया कि बहेरा टोला में 42 उपभोक्ता है।
यहां ट्रांसफर 25 केवीए क्षमता का है, जिसके कारण ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड रहता है। जिससे आयेदिन ट्रांसफार्मर जल जाता है। उक्त गांव में कम से कम 63 केवीए का ट्रांसफार्मर की जरूरत है।
मुखिया ने तल्ख़ लहजे में कहा कि हमारी मांगों को 15 दिनों के अंदर अमल में नहीं लाया जाएगा और ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जाएगा तो, हम लोग विद्युत विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
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