रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला प्रशासन की त्वरित पहल से मेसर्स लक्ष्या पावरटेक प्राइवेट लिमिटेड के 307 श्रमिकों को उनकी लंबित मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित कराया गया। यह कार्रवाई श्रमिक संजय कुमार महतो सहित चार अन्य कामगारों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी द्वारा देय मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। संबंधित कंपनी मेसर्स इक्विनॉक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड (ओएनजीसी लिमिटेड के मुख्य ठेकेदार) की उप-ठेकेदार है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रबंधन एवं श्रमिकों के साथ कई दौर की बैठक कर सभी पक्षों को सुना और तथ्यों की समीक्षा की। सतत समझ, प्रभावी हस्तक्षेप और समन्वयात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता चार श्रमिकों को ₹1,44,470/- का भुगतान किया गया। इसके अतिरिक्त कंपनी के 295 अन्य श्रमिकों को ₹57,82,111.50/- की राशि दिलाई गई। इस प्रकार कुल 307 श्रमिकों को ₹61,86,598.50/- का भुगतान सुनिश्चित किया गया। उपरोक्त कुल राशि में पूर्व में निपटाई गई दो शिकायतों के तहत किया गया भुगतान भी शामिल है।
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (केंद्रीय) दुर्गा प्रसाद बारीक ने 11 फरवरी को कहा कि श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा और समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरी भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शोषण को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी।
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