पीड़ित उपभोक्ता को मिला भाकपा माले का साथ, आंदोलन में दिखे माले कार्यकर्ता
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। खपत से ज्यादा बिजली बिल भेजने एवं बार-बार संबंधित अधिकारियों से मिलकर बिल सुधार करने की मांग करने के बाबजूद बिल सुधार नहीं किए जाने के खिलाफ रहिवासियों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
पीड़ित उपभोक्ता समस्तीपुर जिला के हद में जितवारपुर के कन्हैया चौक रहिवासी दिव्यांग सुरेश ठाकुर चीनी मिल चौक स्थित विधुत कार्यालय पर 10 दिसंबर को भाकपा माले के सक्रिय समर्थन से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया। अनशनकारी को भाकपा माले प्रखंड सचिव अनील चौधरी, जिला कमिटी सदस्य उपेंद्र राय, ललन कुमार ने माला पहनाकर समस्या का समाधान होने तक अनशन जारी रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अनशनकारी दिव्यांग ठाकुर ने बताया कि वे अपने नाम से वर्ड 2007 में एक केवीए का बीपीएल विधुत कनेक्शन लिए थे। तब से वे नियमित बिल जमा करते रहे थे। अचानक 78941 रूपये का बिल 2023 में आ गया और बिल जमा नहीं करने पर बिजली काटने की धमकी दी गयी। बताया कि शिकायती आवेदन के आलोक में बिल सुधार कर 26552 रुपये जमा करवा दिया। फिर उसी महीना में 11 सौ रूपए का बिल आ गया, जो बढ़ते-बढ़ते वर्तमान में 17560 हो गया है।
मौके पर आहूत सभा को विधुत सुधार संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक सह भाकपा-माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि समस्तीपुर के विधुत अधिकारी इतना सामंती प्रवृत्ति के हैं कि वे दिव्यांग की भी नहीं सुनते। ऐसे बेहोश अधिकारी को होश में लाने के लिए अनशन आन्दोलन जायज है। उन्होंने कहा कि पीड़ित उपभोक्ता को कंज्यूमर नंबर 11320006538 पर करीब 78 हजार रूपये का बिल भेजा गया। शिकायती आवेदन देकर सुधार करने की मांग करने पर 26 हजार रूपए जमा करने को कहा गया।
राशि जमा करने के बाबजूद उसी महीना में फिर 1 हजार एक सौ रूपये का बिल भेजा गया। उसके बाद लगातार करीब 2 हजार रुपए का बिल आने लगा। बार- बार संबंधित अधिकारियों को सुधार करने की मांग की गई, लेकिन मांग को अनसुना कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मीटर जांच के नाम पर 10 मिनट में खानापूर्ति किया गया। फलस्वरूप अनशन करने की शुरुआत की गई और पीड़ित द्वारा सहयोग मांगने पर भाकपा माले ने सक्रिय समर्थन दिया है।
भाकपा माले के प्रखंड सचिव अनील चौधरी एवं कुंदन कुमार ने कहा कि विभागीय अधिकारी जान बूझकर मनमाना बिल भेजकर उपभोक्ता को परेशान एवं अपना पाकेट गर्म करने का उपाय लगाये हैं। बिल सुधार के लिए शिकायती आवेदन पर कोई कारवाई नहीं किया जाता है।
अधिकारी अपनी गड़बड़ी को छुपाने के लिए हमेशा उपभोक्ताओं पर दोष मढ़ते रहते हैं। यह अन्याय है और इस अन्याय के खिलाफ समस्या का समाधान होने तक अनशन आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर भाकपा माले के उपेंद्र राय, सुजीत ठाकुर, अजय शर्मा, इंदू देवी, फूलो देवी, राजकुमारी देवी, अजीत शर्मा, मिथिलेश कुमार राय, फूलदेव सदा समेत बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता शामिल थे।
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