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शिंदे ने संभाली नेहरूनगर पुलिस की कमान


मुंबई। अपराधियों के यमराज कहे जाने वाले विलास शिंदे ने नेहरूनगर पुलिस स्टेशन का कमान बतौर सीनियर पीआई संभाल लिया है, शिंदे से पहले यहां संजय काले थे। शिंदे के यहां आने से काफी बदलाव देखा जा रहा है। 1991 में ठाणे नगर पुलिस स्टेशन से अपने कॅरियर की शुरूआत करने वाले शिंदे ने अपने दो टुक बात में कहा है कि अपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग सावधान रहें, कभी भी गाज गिर सकती है।

खबर के मुताबिक विभिन्न मामलों को लेकर कुर्ला पूर्व का नेहरूनगर पुलिस स्टेशन सुर्खियों में रहा है। वहीं विलास शिंदे के आने के बाद काफी चर्चाओं में है। क्योंकि शिंदे इससे पहले नेहरूनगर पुलिस स्टेशन में रह चुके हैं। हाल ही में शिंदे ने बतौर थाना प्रभारी नेहरूनगर पुलिस स्टेशन का कमान संभाला है। उनके यहां आने से पीआई सुहास कांबले, अजीत सुले और प्रवीण कुएसकर आदि अधिकारियों ने शिंदे का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया।

खुले विचारों वाले विलास शिंदे अपने मातहत काम करने वालों के साथ दोस्ताना अंदाज में मिलते जुलते हैं। लेकिन काम में कोताही को बर्दाश्त नहीं करते। अपराधियों के यमराज कहे जाने वाले विलास शिंदे ने नेहरूनगर पुलिस स्टेशन की हद में आने वाले दुकानदारों व अन्य नागरीकों से अपील किया है कि आधुनिकता के इस युग में नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें। यानी यहां के दुकानदार अपने दुकानों की सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरा लगाए।

ताकि भविष्य में अनहोनी से निबटा जा सके। इसके अलावा उन्होंने रहिवासियों से आग्रह किया है कि जो लोग अपनी दुकान या मकान किराये पर चलाते हैं उसकी सूचि व संपूर्ण ब्यौरा यथाशीघ्र पुलिस स्टेशन में दें। शिंदे ने असमाजिक तत्वों को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि ऐसे लोग समय रहते नेहरूनगर पुलिस स्टेशन की हदों को छोड़ दें या अपना रास्ता बदल लें, वरना अंजाम के लिए तैयार रहें।

गौरतलब है कि हाल ही में विलास शिंदे की पदोंन्नती हुई है। करीब 27 वर्षों से पुलिस महकमे में सेवा देने वाले शिंदे ने कई दिवाली देखी है और फटाखे भी बहुत फोड़े हैं। शिंदे के पदभार संभालते ही स्थानीय नागरीकों व समाजसेवकों द्वारा बधाई देने का सिलसिला जारी है। इस बीच कई धर्मगुरू भी शिंदे से मिलने आए।

 


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