भगवान जगन्नाथ की बड़ी आंखें ज्ञान की विशालता को दर्शाती है-कमल भास्कार
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में गुआ में 7 जुलाई को भगवान् जगन्नाथ रथ यात्रा श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया गया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भगवान् जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र, देवी सुभद्रा एवं सुदर्शन के दर्शन के लिए जगन्नाथ मंदिर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार प्रातः काल मे चतुर्द्धा मुहूर्त में नेत्रोत्सव मनाया गया, जिसके बाद श्रद्धालू नव यौवन वेश में सुसज्जित भगवान् जगन्नाथ के दर्शन किए। मंगल आरती, अवकाश नीति, हवन पूजा, भोग महाप्रसाद लागी, पहंडी बिजे, छेरा पंहरा नीति आदि रस्मों के बाद सुदर्शन सह तीनो विग्रह को रथारुढ कराया गया।
इस अवसर पर गुआ सेल माइंस सीजीएम् कमल भास्कार द्वारा रथ के चारों ओर झाडू लगाकर छेरा पंहरा नीति संपन्न कराया गया। नगर कीर्तन के साथ महिला व पुरुष श्रद्धालू सामूहिक रूप से रथ को खींचते हुए विवेक नगर स्थित मौसीबाड़ी तक रथ को ले गए। जहाँ नौ दिन रहने के पश्चात पुनः रथ को वापस श्रीमंदिर लाया जायगा।
इस अवसर पर रथ यात्रा के दौरान गुआ सेल माइंस सीजीएम् कमल भास्कार ने कहा कि भगवान की बड़ी-बड़ी आंखें भक्तों पर भगवान की शाश्वत निगरानी का प्रतीक है। जो शुद्ध हृदय वाले को सुरक्षा, मार्गदर्शन और सांत्वना प्रदान करते हैं।

हमेशा श्रद्धालुओं पर नज़र रखते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की बड़ी आंखें उनके ज्ञान की विशालता को दर्शाता है। इस अवसर पर हो भोकोते व जय जगन्नाथ के नारे से लौह नगरी गुंजायमान हो उठा।
मौक़े पर जितेंद्र पंडा, अविनाश दलाई, सुभाष पुष्टि, दिब्या पंडा, अविनाश प्रधान, संजीव पंडा, सुमित महापात्र, भास्कार चंद्र दास, दिव्यरंजन सेनापती, शुभ्राजित पंडा, रमेश चटर्जी, संतोष बेहेरा, सी. वी. कुमार, संतोष माझी, गगन् साहु, राम नारायण सिंह, बिजय बेहेरा, सौरभ सांडील, पियूष साव, सागर दास, तपन दास, आर्यन गुप्ता, अविनाश दास, सुदीप दास व अन्य मौजूद थे।
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