प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। खाड़ी देश दुबई में फंसे झारखंड के 14 प्रवासी मजदूरों में से 11 मजदूरों की 11 फरवरी को सकुशल वतन वापसी हो गयी। प्रवासी मजदूरों के हित के लिए काम कर रहे समाजसेवी सिकन्दर अली ने मजदूरों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट कोलकाता पहुंचे। जहां मजदूरों को रिसीव कर बस से हावड़ा स्टेशन के लिए निकल पड़े।
अपने वतन लौटने के बाद प्रवासी मजदूरों ने कहा कि अगर अपने देश में ही कमाने की बेहतर व्यवस्था हो जाए तो वे कभी भी विदेश का रुख नहीं करेंगे। अपने देश के हुनरमंद मजदूरों को अच्छा रोजगार नहीं मिलने की वजह से उन्हें मजबूरी में विदेश जाना पड़ता है। मजदूरों के परिजनों ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और तमाम मीडिया समूह के साथ समाजसेवी सिकन्दर अली के प्रति आभार जताया।
ज्ञात हो कि, सभी मजदूर अक्टूबर 2025 को ईएमसी कंपनी में ट्रांसमिशन लाइन में काम करने के लिए दुबई गए थे, लेकिन कंपनी द्वारा मजदूरों के बीच काम के बदले मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था। साथ ही समय से अधिक काम कराया जा रहा था। इससे मजदूरों को वहां रहने और खाने-पीने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। फंसे मजदूरों ने एक वीडियो भेजकर अपनी पीड़ा को साझा करते हुए सरकार से मदद की अपील की थी।
मामले में झारखंड सरकार तथा केन्द्र सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए सभी मजदूरों की वतन वापसी करायी। प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सिकन्दर अली ने बताया कि रोजी-रोटी के लिए यहां के रहिवासी विदेश और परदेश की ओर रूख करते हैं। इस दौरान कई घटनाएं घटित होती हैं, जो काफी दर्दनाक होती है। कहा कि न चाहते हुए भी इंसान को जीविकोपार्जन के लिए घर से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि दुबई से लौटे प्रवासी मजदूरों में गिरिडीह जिला के हद में बगोदर प्रखंड के तिरला रहिवासी राजेश महतो, मंडरो के डुमरडेली रहिवासी अजय कुमार, बोकारो जिला के हद में नावाडीह प्रखंड उपरघाट के कंजकीरो रहिवासी डालेश्वर महतो, हजारीबाग जिला के हद में बिष्णुगढ़ प्रखंड के खेदाडीह रहिवासी जागेश्वर महतो, सिरैय रहिवासी बैजनाथ महतो, पारजोरिया रहिवासी दिलीप महतो, गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो, चकचुको बसरिया रहिवासी दीपक कुमार तथा बरकट्ठा प्रखंड के गोरहर रहिवासी रोहित महतो और सेवा महतो शामिल हैं।
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