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भक्तिमय सुंदरकाण्ड पाठ से हनुमान की वीरता व् चतुराई का बखान

प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के अंगवाली में बीते 19 मार्च से आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामचरित मानस नवाह पारायण महायज्ञ के सप्तम दिवस 25 मार्च को तुलसीदास रचित रामचरित मानस के सुंदरकाण्ड पाठ से रामभक्त हनुमान की चतुराई व वीरता का बखान किया गया।

झारखंड के गिरिडीह के विश्वासडीह से पधारे आचार्य अनिल पाठक व्यास (वाचस्पति) ने सहयोगी भ्राता अमित पाठक, अशोक मिश्र, राजेश पंडित, सतीश मिश्र तथा बलदेव शरण के साथ लयबद्ध रामायण पाठ कराए। साथ हीं रात्रि प्रवचन के दौरान उन्होंने मिथिला भाषा में कई संगीतमय गान प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर मिर्जापुर यूपी से पधारे मानस मार्तंड धर्मराज शास्त्री ने कहा कि पत्नी सीता माता के वियोग में प्रभु श्रीराम को भाई लक्ष्मण संग वन में विचरण करते वक्त हनुमान जी ने बड़ी बुद्धिमता से ब्राह्मण वेश धारण कर अपने प्रभु को पहचान लिया। उन्होंने ही किचकिंधा में सुग्रीव से मित्रता कराई। सुग्रीव व राम ने एक दूसरे को अपनी व्यथा सुनाई। आगे कहा भाई सुग्रीव की पत्नी को भोग्या बनाने वाले बाली को मारकर सुग्रीव को पुनः राजा बनाया प्रभु राम ने।दुनियां को इस प्रसंग से संदेश दिया कि अत्याचारी, दुष्कर्मी को उसकी करनी का दंड मिलना ही चाहिए।

अयोध्या से पधारी मानस मंजरी शांति श्रेया ने सीता हरण प्रसंग से लेकर सुंदर काण्ड की चर्चा करते हुए हनुमान जी की चतुराई का प्रशंगवाश विश्लेषण किया। कहा कि समुद्र लांघकर लंका जाने के क्रम में हनुमान ने राक्षसनी सुरसा, लंकिनी जैसी कई राक्षसियों द्वारा मार्ग अवरूद्ध करने पर अपनी बुद्धिमता से सबों को जीत लिया। इस लिए गोस्वामी तुलसी दास ने रामचरित मानस ग्रंथ में लिखा है कि विद्यावान गुनी अति चातुर, राम काज करीवे को आतुर। उन्होंने सीता माता का पता लगाया और विकट रूप धरकर लंका को धू-धूकर जलाया। यानि उन्होंने अपनी स्वामी-भक्ति को प्रदर्शित कर तीनों लोक में कीर्ति स्थापित की है।

विंध्याचल से आए आचार्य इंद्रेश, संस्थापक गौर बाबा, संचालक संतोष नायक ने भी वीर हनुमंत की महिमा का बखान किया। कहा कि रामभक्त हनुमान ने अपनी चतुराई प्रदर्शित कर तीनों लोक में कीर्ति स्थापित की है। इस अवसर पर धर्मराज शास्त्री को स्थानीय पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र कपरदार एवं शांति श्रेया को जल सहिया भाग्यरानी, गीता देवी, यज्ञ समिति अध्यक्ष रामविलास रजवार ने मंच पर माल्यार्पण कर सम्मानित किया।

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