पीयूष पांडेय/बड़बिल (ओडिशा)। ओडिशा राज्य के क्योंझर जिला में स्थित मुर्गा महादेव सड़क के जर्जर रास्ते से दर्शन के लिए श्रद्धालु बेताब हैं। पर यह सड़क शिवभक्तों को भारी परेशानी दे रही है।
ओडिशा के प्रसिद्ध शैव पीठ मुर्गा महादेव मंदिर तक जाने वाली यह प्रमुख सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गई है। इस सड़क मार्ग से आयेदिन हो रहे दुर्घटनाओं से उत्पीड़न की शिकायतें भी आ रही है।

ज्ञात हो कि, हर साल श्रावण मास में मुर्गा महादेव मंदिर में भक्तों का भारी तांता लगता है। इस साल भी ओडिशा, झारखंड और बिहार से हजारों श्रद्धालु कौड़िया जलाभिषेक करने मंदिर आए हैं, लेकिन मुर्गा महादेव की जर्जर सड़क की हालत को लेकर श्रद्धालुओं में काफी असंतोष है। इस शैव तीर्थस्थल तक पहुंचने के लिए झारखंड राज्य के बिलईपदा से नुआ मुंडी होते 89 और 520 राष्ट्रीय राजमार्ग से जाना पड़ता है, लेकिन औद्योगिक और खनन कंपनियों की माल ढुलाई की गाड़ी का इसी रास्ते से आना-जाना होता है। सड़क की उपेक्षा के कारण इसकी हालत काफी दयनीय हो गई है।
स्थानीय देवझर ग्राम पंचायत के रहिवासी शिव भक्तों के साथ प्रतिदिन इसी सड़क पर यातायात के लिए निर्भर हैं। कई वर्षों से सड़क निर्माण और विस्तारीकरण का काम ठप्प पड़ा है। खनन क्षेत्र में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बनाने के साथ ही झरना और शैव मंदिर के विकास के लिए विकास निधि से धनराशि स्वीकृत करने की मांग की जा रही है। लेकिन जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
दूसरी ओर, पर्यटन विभाग भी जिले के प्रसिद्ध महादेव प्राकट्य स्थल पर नज़र गड़ाए है। पिछली सरकार द्वारा विकास के झूठे वादे करने वाले से आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने 18 जुलाई को बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण अब महादेवनासा से मुर्ग महादेव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर चलना भी नामुमकिन हो गया है। श्रद्धालु महादेवनासा गांव के अंदर से सड़क पार कर मंदिर पहुंच रहे हैं।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर सहित जाजपुर, बारीपदा, राउरकेला, आनंदपुर जैसे प्रमुख स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि खनन क्षेत्र करोड़ों रुपये का मुनाफा कमा रहा है, लेकिन सड़क की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लालची कंपनियां इस सड़क पर मिट्टी डालने से कतरा रही है। चार पहिया वाहन घंटों फंसे रहते हैं। वाहन चालक कीचड़ में फंसकर सड़क पार कर रहे हैं।
एक वाहन चालक ययाति केशरी जेना ने कहा कि इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहुत मुश्किल हो रही है। झारखंड राज्य के कुछ भक्तों ने दु:ख प्रकट करते हुए कहा कि वे हर साल यहां जलाभिषेक करने आते हैं। लेकिन चूंकि प्रशासन या इस सड़क का उपयोग करने वाली कंपनियां इस सड़क की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए सड़क मौत का जाल बन गई है। मुख्यमंत्री इस खूबसूरत पर्यटन स्थल का दौरा कर चुके हैं।
इस शैव पीठ की ख्याति सुदूर झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी है। जानलेवा यातायात समस्या और सड़कों के कारण, राहगीरों तथा श्रद्धालुओं को हर दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाओं का सामना करना पर रहा है। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को सड़कों के निर्माण के लिए युद्धस्तर पर कदम उठाने चाहिए, ऐसा जोड़ा ब्लॉक के पूर्व जिला परिषद सदस्य वीर नाइक और सामाजिक संगठन ओन्दर्षि के निदेशक त्रिलोचन पल्ले का कहना है।
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