एस. पी. सक्सेना/बोकारो। इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ द्वारा 21 सूत्री मांगों को लेकर 9 फरवरी को बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के जारंगडीह परियोजना कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। नेतृत्व राकोमसं सीसीएल रीजनल व् कथारा क्षेत्रीय सचिव वरुण कुमार सिंह कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार राकोमयू द्वारा प्रदर्शन के पहले जारंगडीह खुली खदान परिसर में पिट मीटिंग की गई तथा वहां से जुलूस के माध्यम से सारे मजदूर आगामी 12 फरवरी को होनेवाले संयुक्त ट्रेड यूनियन के देश व्यापी हड़ताल को सफल बनाने एवं प्रबंधन के खिलाफ नारा लगाते हुए जारंगडीह रेलवे साइडिंग होते हुए परियोजना कार्यालय पहुंचे।
जहां सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के रीजनल सचिव वरुण कुमार सिंह ने कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल मजदूरों के लिए आर पार की लड़ाई होगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर हाल में हड़ताल को सफल बनाना होगा।कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीसीएल के सीएमडी का संदेश स्थानीय प्रबंधन द्वारा पढ़ा जाता है जिसमें बहुत सारे कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र होता है।

सीएसआर द्वारा की गई योजनाओं का जिक्र होता है, मेडिकल सुविधाओं का जिक्र होता है, आवासीय कॉलोनी के रखरखाव का जिक्र होता है। परंतु अत्यंत दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है कि सारी कल्याणकारी योजनाएं झूठा प्रतीत होता है। क्योंकि एक महिला कर्मी घर का दरवाजा लगाने के लिए साल भर आवेदन देकर इंतजार करती है। सिविल विभाग में एएमसी द्वारा करोड़ों करोड़ का ठेका निकाला जाता है, परंतु धरातल पर कुछ नहीं दिखता।
उन्होंने कहा कि आज भी देश को ऊर्जा देने वाले एवं देश की उन्नति में भागीदारी निभाने वाले मजदूर पानी, बिजली, घर का दरवाजा, सड़क मरम्मत जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। रविवार छुट्टी का दिन रहते हुए आउटसोर्सिंग कंपनियों से काम लिया जाता है परंतु डिपार्टमेंटल मजदूरों से काम नहीं लिया जाता। यह प्रबंधन की दोहरी नीति नहीं चलेगी।
सभा के बाद यूनियन नेताओं द्वारा परियोजना पदाधिकारी पी के सेनगुप्ता को 21 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया तथा 15 दिनों के अंदर समाधान देने का आग्रह किया गया। सभा को वरुण सिंह के अलावा अशोक कुमार ओझा, योगेंद्र सोनार, मोहम्मद वकील अंसारी, अंजनी सिंह, विकास सिंह ,गुलाम हसनैन, संजय सिंह ने भी संबोधित किया।

बैठक में उपरोक्त के अलावा ब्रजेश सिंह, मोहम्मद सदीक, विक्रम सिंह, जाहिद आलम, हेमंत सिंह, तामेश्वर पटवा, सुजीत सिंह, शंकर शर्मा, प्रमोद सिंह, राजीव सिंह, अशोक घासी, मोचीराम खटाई, गोविंद साव, मनोज सिंह, दिलीप नोनिया, मोतीलाल, विनोद कुमार, चंद्रमणि मंडल, रिंटू सिंह, अमर सिंह, अर्जुन यादव, गोपाल मंडल, मोनमी बनर्जी, रिंकू कुमारी, मानती देवी, सोयेन देवी, शांति कामीन, मंगली देवी, पुतुल देवी सहित दर्जनों कामगार उपस्थित थे।
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